इंदौर: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को मद्देनजर रखते हुए शहर की कई पुरानी इमारतों का नवीनीकरण किया जा रहा है, वहीं रेलवे स्टेशन का भी कायापलट कर उसे आधुनिक बनाया जा रहा है, लेकिन कार्य की धीमी गति को देखते हुए लगता नहीं कि तय समय अवधि में यह काम पूरा हो सकेगा.इंदौर रेल्वे स्टेशन प्लेट फार्म नंबर एक पर बनी इमारत का भी नवीनीकरण करने का कार्य शुरू हो चुका है.
पहले चरण में देखने में आ रहा है कि जहां पार्सल कार्यालय और पार्किंग थी, उसे तीन माह पहले हटा दिया गया था. इस स्थान पर नया भवन बनाया जा रहा है. बताया तो यह भी जा रहा है कि इसी भवन के नीचे तलघर में पार्किंग सुविधा रखी जाएगी. वर्तमान में फिलहाल यहां अभी तो सिर्फ जमीन का लेवल ही हो पाया है. न तो पिल्लर खोदे गए न ही कोई खुदाई कार्य किया गया. यह भी बात सामने आई है कि फरवरी में मुख्य द्वार को भी हटाया जाएगा, जिसके बाद स्टॉफ और यात्री स्थान लक्ष्मीबाई स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया जाएगा, यह सही तो है, लेकिन कार्य गतिहीन दिखाई दे रहा है. ऐसे में लक्ष्मीबाई स्टेशन तक जाने-आने में यात्रियों को कई परेशानियां उठानी पड़ेंगी.
जब कोई योजना बनाई जाती है तो उसका बजट आवंटित होकर खजाने में जमा हो जाता है. जब बजट है तो कार्य में गति क्यों नहीं है. इससे सवाल उठना लाजिमी है. बिना कारणधीमी गति से कार्य में जरूरत से ज़्यादा पैसा बर्बाद होता है.
– खुश निगम
कार्य अच्छा हो रहा है, लेनिक इसी स्थान पर यात्रियों के लिए कोई विकल्प होना चाहिए, क्योकि पुराना रेलवे स्टेशन शहर के बीचों-बीच है, जिससे चारों तरफ के लोगों को सुविधा रहती है.
– आसिफ कुरैशी
जब यात्रियों को मेन स्टेशन से लक्ष्मीबाई स्टेशन जाना पड़ेगा तो रिक्शा चालकों की मानमानी बढ़ जाएगी. रेल किराए से ज़्यादा आटो का पैसा लगेगा और मिल क्षेत्र रात्रि में रेल से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं है.
– मुकेश वर्मा
