नई दिल्ली, 03 दिसंबर, 2025: भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की महत्वपूर्ण तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक बुधवार को मुंबई में शुरू हो गई है। समिति के सदस्य देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति की गहन समीक्षा करेंगे, जिसमें हाल ही में दर्ज की गई मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि और रिकॉर्ड निचले स्तर की मुद्रास्फीति शामिल है। अंतिम नीतिगत फैसलों की घोषणा आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 दिसंबर, शुक्रवार को करेंगे।
बैठक के लिए सबसे महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि यह है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो बाजार की उम्मीदों से काफी ज्यादा है। वहीं, महंगाई के मोर्चे पर एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) अक्टूबर 2025 में तेजी से गिरकर मात्र 0.25 प्रतिशत के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है।
अधिकांश विशेषज्ञ और वित्तीय संस्थाएं उम्मीद कर रही हैं कि केंद्रीय बैंक इस नीति समीक्षा में रेपो रेट को अपरिवर्तित रखेगा। वर्तमान में रेपो रेट 5.50 प्रतिशत पर स्थिर रहने की संभावना है। केयरएज रेटिंग्स के एमडी मेहुल पंड्या के अनुसार, मजबूत जीडीपी वृद्धि दर और रिकॉर्ड कम मुद्रास्फीति आरबीआई के लिए विरोधाभास पैदा करती है, जिसके कारण केंद्रीय बैंक एहतियाती तौर पर सतर्कता का रुख अपना सकता है।

