नई दिल्ली, 03 दिसंबर, 2025: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए परिसर को अब ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बन रहे इस परिसर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसे पहले एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के नाम से जाना जाता था। इस परिसर में PMO के अलावा मंत्रिमंडल सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और इंडिया हाउस के कार्यालय भी होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ‘सेवा तीर्थ’ एक ऐसा कार्यस्थल होगा, जिसे सेवा की भावना को प्रतिबिंबित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत के सार्वजनिक संस्थान एक गहन बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, जहाँ शासन का विचार सत्ता से सेवा और अधिकार से उत्तरदायित्व की ओर बढ़ रहा है। सरकार का यह कदम कर्तव्य और पारदर्शिता को प्रतिबिंबित करता है।
ये बदलाव एक गहरे वैचारिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। हाल ही में, राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के मार्ग का नाम राजपथ से बदलकर कर्तव्य पथ किया गया था। इसी तरह, राज्यपालों के आधिकारिक आवास यानी राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किया जा रहा है, और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम भी लोक कल्याण मार्ग किया गया था।

