
जबलपुर। जिले में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कुल 166 नए मतदान केंद्रों की मंजूरी प्रदान की है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीईओ भोपाल के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव का निर्वाचन आयोग ने परीक्षण करने के बाद अनुमोदन कर दिया है। पहले 2154 मतदान केंद्र थे, जिसके बाद अब मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 2,320 हो गई है। विशेष बात यह है कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में पुराने मतदान केंद्रों को विलोपित नहीं किया गया है, बल्कि जनसंख्या वृद्धि और भौगोलिक आवश्यकताओं को देखते हुए केवल नए केंद्र जोड़े गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की अवधि बढ़ा दी गई है। पहले इसकी अंतिम तिथि 4 दिसम्बर थी जिसको बढ़ा दिया गया है, अब नागरिक 11 दिसम्बर तक नाम जोड़ने, संशोधन कराने, स्थानांतरण या विलोपन के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर ने जिला प्रशासन की ओर से सभी मतदाताओं और नवमतदाताओं से अपील की कि वे निर्धारित अवधि में अपने नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
यहां इतने मतदान केंद्र बढ़े
कलेक्टर सिंह ने बताया कि जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। जिसमें पाटन में 29, बरगी में 18, जबलपुर पूर्व में 41, जबलपुर उत्तर में 7, जबलपुर कैंट में 13, जबलपुर पश्चिम में 13, पनागर में 29 और सिहोरा में 16 नए मतदान केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनके जुड़ने के बाद संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की कुल संख्या क्रमशः 332, 304, 276, 248, 228, 289, 345 और 298 हो गई है।
