
रीवा। चावल उद्योग महासंघ तथा जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन द्वारा मांग किए जाने के बावजूद जिले के मिलर्स की समस्याओं का समाधान आज दिनांक तक शासन स्तर से नहीं किया गया है.
वर्तमान परिस्थितियों में मिलर्स अत्यधिक आर्थिक व प्रशासनिक दबाव का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण वे उपार्जन वर्ष 2025-26 की धान मिलिंग कार्य प्रारंभ करने की स्थिति में नहीं हैं. सोमवार को सभी मिलर्स कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौपा है. पूर्व वर्षों में मिलर को धान लोडिंग-अनलोडिंग हेतु 12 रूपये प्रति क्विंटल एवं चावल लोडिंग-अनलोडिंग हेतु 12 रुपये प्रति क्विंटल के मान से राशि प्रदान की जाती थी किन्तु वर्ष 2023- 24 एवं 2024-25 में इसकी दर में कटौती कर लोडिंग एवं अनलोडिंग हेतु 4.75 रुपये प्रति क्विंटल के मान से राशि भुगतान किया जा रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है, जबकि वर्तमान में लोडिंग-अनलोडिंग में लगने वाली मजदूरी दर भी बढ गई है. मिलरों द्वारा बार-बार इस संबंध में मांग किये जाने के उपरान्त भी कोई आदेश जारी नहीं हुये हैं, जिससे मिलर्स नया अनुबंध निष्पादित करने की स्थिति में नहीं हैं. इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट है कि उपरोक्त समस्याओं के समाधान होने तक जिले के मिलर्स किसी भी प्रकार का नया अनुबंध कर मिलिंग कार्य प्रारंभ करने की स्थिति में नहीं हैं.
