कलेक्टर की डीपी लगा की थी धोखाधड़ी, मुंबई व रीवा से 9 सदस्यीय गिरोह गिरफ्तार

खरगोन। अब तक ऑनलाईन फ्रॉड का अपराध सुलझाना चुनौती भरा माना जाता रहा है, लेकिन पुलिस ने इस चुनौती भरे एवं जटिल अपराध को सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने वाट्सअप पर कलेक्टर की फोटो लगाकर ऑनलाईन रुपए ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में 2 नाबालिग और एक महिला शामिल है। इनकी गिरफ्तारी मुंबई और रीवा से की गई, जहां पुलिस को इन्हें तलाशने में खासी मशक्त करना पड़ी। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ठगी का यह नेटवर्क महंगें शौक पुरा करने एवं लोगों को रुपए का लालच देकर किराये के बैंक खातों से संचालित हो रहा था।

थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया आरोपी महंगे शौक पूरे करने व जल्दी पैसे कमाने के लिए ऑनलाईन फ्रॉड का शार्टकट रास्ता अपना रहे थे। यह लोगों को ठगने के लिए किराये पर बैंक खाते इस्तेमाल कर रहे थे। 25 अक्टूबर को मोबाइल नंबऱ 84339410118 से खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल की फोटो (डीपी) लगाकर अधिकारियों से चेटिंग की गई। इस फर्जी चेटिंग के जाल में फंसकर सहायक आयुक्त जनजातिय विभाग के अधिकारी ने अज्ञात बैंक खाते में 01 लाख रुपये डाल दिए थे। फर्जी अकाउंट खुलासा होने के बाद अधिकारी ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद थाना कोतवाली व साइबर सेल खरगोन की टीम ने मशक्कत के बाद गिरोह का खुलासा करने में सफलता हासिल की। कलेक्टर और ए- क्लास अधिकारी से जुड़े इस हाईप्रोफाईल मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरु की थी, जिसमें सफलता भी मिली।

बैंक खाते कराए फ्रीज

शिकायती आवेदन मिलने के बाद जिस खाते में रुपए डाले गए उस बैंक खाते को फ्रीज कराया गया। उक्त राशि मुंबई निवासी ग्लोरीया फर्नानडिस के खाते में गई थी। पुलिस टीम ने मुंबई पहुंचकर ग्लोरीया फर्नानडिस को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में बताया कि बैंक अकाउंट व उसकी एक सिम को ऑनलाइन मिले एक दोस्त के कहने पर दिल्ली भेज दी है। उक्त फ्रॉड की राशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से कई अन्य बैंक अकाउंटस् में अनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी, जो रीवा स्थित एटीएम से निकाली गई। पुलिस टीम के द्वारा सूक्ष्मता से प्रकरण में आए तथ्यों का अवलोकन किया गया व प्रकरण बयानों, सीसीटीव्ही फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रीवा पुलिस की मदद से 06 और अन्य आरोपियों जिनमें 02 विधिविरुद्ध बालक है, को अभिरक्षा में लिया गया।

रीवा से गिरफ्तार आरोपियों ने पंकज पटेल व दीपक पटेल के कहने पर उन्हें किराय/ कमिशन पर बैंक खाते व सिम उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने पंकज पटेल व दीपक पटेल को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से धोखाधड़ी कर निकाले 1 लाख रुपए जब्त किए है। इस मामले अब तक 07 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। विवेचना में आने अन्य तथ्यों के आधार पर प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

इन्हें किया गिरफ्तार

ग्लोरिया फर्नाडिस पिता एन्जल मेन्डोनसा निवासी एन्जल मेन्डोसा हाउस आदर्श नगर कांजुर मार्ग इस्ट मुम्बई, शिवांस सिह यादव पिता ब्रजभान यादव निवासी रौरा थाना गोविन्द गढ जिला रीवा, शिवेन्द्र वर्मा पिता लल्लन वर्मा जाति कुशवाह निवासी रौरा थाना गोविन्द गढ जिला रीवा, रोहित यादव पिता विनोद यादव निवासी ग्राम धोखरा पोस्ट मडवा थाना गोविन्दगढ जिला रीवा, विनित चौहान पिता विनोदसिह चौहान निवासी ग्राम नवल्या थाना जमोडी जिला सिधी हाल मुकाम भण्डारी काम्पलेक्स में किराये का मकान रीवा जिला रीवा, पंकज पटेल पिता अशोक पटेल जाति कुर्मी निवासी ग्राम बबनगाँव कस्तरी 78 पोस्ट निगा थाना गोविन्द गढ़ जिला रीवा और दीपक पटेल पिता मुरारीलाल पटेल जाति कुर्मी शामिल है।

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