सीधी: शहर के बाजार क्षेत्रों की मुख्य सडक़ पर फल एवं सब्जी विक्रेताओं के ठेले सुबह से लेकर देर रात तक जमे रहते हैं। फल एवं सब्जी कारोबारियों की इस मनमानी के चलते आवागमन काफी प्रभावित है। बाजार क्षेत्र की स्थिति यह है कि सडक़ में ठेलों के सज जाने के बाद पैदल निकलने में भी लोगों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती है।
यह समस्या गांधी चौक, संजीवनी पालिका बाजार, सब्जी मंडी क्षेत्र में सबसे ज्यादा गंभीर है। फल ठेला कारोबारियों को बीच सडक़ में ठेला लगाकर दिन भर व्यवसाय करता देखकर लोग काफी हैरत में हैं। ऐसा आभाष होता है कि संबंधित विभागों का ठेला कारोबारियों का किसी तरह का नियंत्रण नहीं है।
वसूली के लिए ठेला कारोबारियों को बीच सडक़ में कारोबार करने की छूट मिली हुई है। जानकारों का कहना है कि ठेला व्यवसाईयों को एक स्थान पर ठेला खड़ा कर कारोबार करने की छूट किसी भी शहर में नहीं है। उनके द्वारा घूम-फिर कर अपना कारोबार करना चाहिए। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में एक हजार से ज्यादा ठेलों का कब्जा बना हुआ है। साथ ही शहर में बाजार क्षेत्र से लगे सभी मुख्य मार्गों में भी ठेला कारोबारियों की मनमानी चल रही है। ठेला कारोबारियों की इस मनमानी पर यातायात पुलिस द्वारा कभी-कभार कुछ टोंका-टांकी की जाती है लेकिन नगर पालिका परिषद के अमले द्वारा चुप्पी साध ली गई है।
जिला मुख्यालय में ठेला कारोबारियों की बढ़ती संख्या से बाजार क्षेत्र में अन्य कारोबारी काफी परेशान हैं। संजीवनी पालिका बाजार क्षेत्र के स्थाई व्यवसाईयों का कहना है कि उनके द्वारा लाखों रुपए पगड़ी देकर व्यवसाय किया जा रहा है। किन्तु मुख्य सडक़ पर लाईन लगाकर दर्जनों ठेला कारोबारियों के जम जाने के कारण उनका कारोबार काफी प्रभावित हो रहा है। ठेला व्यवसाई मुख्य सडक़ से हटने के लिए तैयार नहीं हैं। हालात यह है कि शहर में मुख्य सडक़ों से फुटपाथी व्यवसाईयों का अतिक्रमण न हटाने के कारण आवागमन काफी प्रभावित है।
अभियान नहीं हो पाता सफल
शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में ठेला व्यवसाईयों के जम जाने से जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। सडक़ों के संकीर्ण हो जाने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। उक्त समस्या को लेकर यातायात पुलिस द्वारा गत वर्ष कई बार अभियान चलाया गया। सब्जी मंडी क्षेत्र के साथ ही मुख्य बाजार क्षेत्र की सडक़ में कब्जा करने वाले व्यवसाईयों के विरुद्ध चालानी कार्यवाई भी हुई। जब तक कार्यवाई का अभियान चला व्यवस्था में कुछ सुधार आया। कार्यवाई बंद हो जाने के बाद फिर से सडक़ें अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं। इस मामले में नगर पालिका द्वारा अभियान चलाया जाता है उसका ज्यादा विरोध किया जाता है। नगर पालिका अमले का भी कहना है कि जब तक साथ में पुलिस नहीं होगी अभियान चलाना संभव नहीं है।
इनका कहना है
नगर पालिका द्वारा बाजार क्षेत्र एवं मुख्य सडक़ों के किनारे मनमानी तौर पर जमें ठेेला व्यवसाइयों को हटाने का अभियान चलाया जाता है तो उसका संबंधित कारोबारी एकजुटता से विरोध करने लगते हैं। अभियान तभी सफल हो सकता है जब इसमें पुलिस का लगातार सहयोग मिले।
मंगलेश्वर सिंह, अतिक्रमण प्रभारी
नगर पालिका परिषद, सीधी
