
छतरपुर। जिले की जनसुनवाई में पूर्व विधायक परिवार के सदस्य कुंवर विक्रम सिंह (नाती राजा) ने प्रताप सागर तालाब को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा। नाती राजा ने मांग की कि प्रशासन द्वारा मणिकर्णिका वाटर स्पोर्ट्स टूरिस्ट, झांसी को दी गई जलक्रीड़ा गतिविधियों की अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए।
उन्होंने दावा किया कि प्रताप सागर तालाब रियासतकालीन निजी संपत्ति है, जिसका स्पष्ट उल्लेख नजूल शीट वर्ष 1976, प्राइवेट प्रॉपर्टी इन्वेंटरी (गृह मंत्रालय), तथा 11 सितंबर 1964 के एसडीओ न्यायालय के आदेश में मिलता है। आवेदन में बताया गया था कि तालाब खसरा नंबर 2814, रकबा 35.10 एकड़ पर दर्ज है और यह पूर्व शासक परिवार की निजी संपत्ति के रूप में मान्य है।
नाती राजा ने आरोप लगाया कि निजी संपत्ति होने के बावजूद प्रशासन ने 24 अक्टूबर 2025 को बाहरी संस्था को जलक्रीड़ा गतिविधियां संचालित करने की सहमति दे दी, जो “त्रुटिपूर्ण और अवैध” है। उन्होंने कहा कि बिना मालिक की अनुमति किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग स्वीकार्य नहीं है।
कलेक्टर कार्यालय ने आवेदन प्राप्त कर लिया है और मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अगले निर्णय की संभावना जताई जा रही है।
