
जबलपुर। ओमती थाना अंतर्गत घंटाघर में मंगलवार को उस समय बवाल मच गया जब मानस भवन में रविवार को हुए सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक चेतना सम्मेलन में पुस्तक बेचने पर उपजे विवाद और मारपीट के विरोध में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन देने पहुंच गए, इसी दौरान बड़ी संख्या में नकाबपोश पहुंंचे और उपद्रव मचाया। पुलिस की मौजूदगी में मारपीट शुरू हुई। लाठी-डंडे, धारदार हथियार चलाए। अचानक हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में आधा दर्जन लोग घायल हुए है। जिसमें से एक को गंभीर चोटेंं आई है। मामले में पुलिस ने 60 से अधिक पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
विदित हो कि रविवार को कुशवाहा जनजागृति विकास समिति जबलपुर एवं सम्राट अशोक क्रांति सेना के तत्वाधान में सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक चेतना सम्मेलन मानस भवन में आयोजित हुआ। जिसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। एक पक्ष ने जहां संविधान और महापुरूषों से जुड़ी किताबें फाडऩे का आरोप लगाया तो दूसरे पक्ष से पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिन्दू देवी देवताओं के बारे में आपत्ति जनक सामग्री बेचने का आरोप लगाया। इस दौरान भी मारपीट हुई थी। जिसके विरोध में मंगलवार को ज्ञापन दिया जा रहा था तभी तत्वों के द्वारा प्रदर्शन कर रहे निहत्थे प्रदर्शनकरियों पर अचानक से लाठी डंडों एवं तलवार से हमला किया गया। आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ का कहना है कि प्रदर्शनकारियो में संगठन के राकेश चौधरी, वृंदावन वर्मा सहित लगभग आधा दर्जन लोगों को गंभीर चोटें आईं। आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवेश कुमार चौधरी, तेज कुमार भगत, राजेंद्र गुप्ता, डॉ बी एल झरिया, वंदना बेन, तरुण रोहितास आदि ने घटना में शामिल लोगों पर शीघ्र अतिशीघ्र कार्रवाई कर गिरफ्तारी की मांग की है अन्यथा आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।
पुलिस के संरक्षण में गुंडागर्दी
आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवेश कुमार चौधरी ने बताया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन चल रहा था तभी बजरंग दल के लोग पहुंचे और हमला कर दिया। यह उपद्रव पुलिस के संरक्षण में हुआ है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अगर मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो उग्र आंदोलन होगा।
