नयी दिल्ली 11 जून (वार्ता) एकीकृत रक्षा स्टाप के प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने सिद्ध कर दिया है कि गहन निगरानी और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
एयर मार्शल दीक्षित ने बुधवार को यहां ‘निगरानी और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स इंडिया 2025’ पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि निगरानी और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स का क्षेत्र अब विकसित होकर आधुनिक सैन्य अभियानों का आधार बन गया है। उन्होंने समकालीन युद्ध में गहन निगरानी के महत्व का भी उल्लेख किया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक ने सैन्य रणनीतिकारों की समझ को पुष्ट किया है।
एयर मार्शल ने अपनी बात के समर्थन में दलील दी कि जब हथियार सैकड़ों किलोमीटर दूर लक्ष्य पर सटीक निशाना साध सकते हैं, तो सामने, पीछे , पार्श्व, युद्ध क्षेत्र और गहराई वाले क्षेत्रों की पारंपरिक अवधारणाएँ सभी अप्रासंगिक हो जाती हैं।
भविष्य की रणनीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को पहले से ही संभावित खतरों को पहचान कर उन पर नज़र रखनी चाहिए । इन खतरों का भान दुश्मन के इलाकों और हवाई क्षेत्रों में ही हो जाना चाहिए न कि उस समय जब वे हमारी सीमाओं के करीब आ जायें।
उन्होंने कहा कि भारत को निरंतर निवेश, निरंतर नवाचार और सबसे बढ़कर सभी हितधारकों के बीच सहयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
सेमिनार का आयोजन सेंटर फॉर एयर पॉवर स्टडीज (सीएपीएस) ने एमआईआर के साथ मिलकर किया था।
सीएपीएस के महानिदेशक एयर वाइस मार्शल अनिल गोलानी (सेवानिवृत्त) ने उद्घाटन भाषण दिया और सैन्य अभियानों में निगरानी के महत्व को बताया।
