
इटारसी। नर्मदांचल फर्नीचर मार्ट संगठन ने वन विभाग और शासन पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जुलूस के रूप में पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को सौंपा।
संगठन ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि सीपी खापा क्षेत्र के जंगलों में लगभग 1300 सागौन वृक्षों की अवैध कटाई के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी पर निलंबन जैसी कार्यवाही नहीं हुई है। संगठन का कहना है कि कुछ अधिकारी अपने पदों पर बने रहकर अपने विरुद्ध साक्ष्य मिटाने और अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि तवानगर, केसला, दौड़ी, झुनकर और सुखतवा के जंगलों की जांच में अनावश्यक देरी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार सागौन कटाई का वास्तविक आंकड़ा 1300 से बढ़कर 2600 तक पहुंच सकता है। संगठन का कहना है कि इन इलाकों के जंगल लगभग साफ हो चुके हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी असहाय, शिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं द्वारा चलाए जा रहे फर्नीचर मार्ट पर गलत आरोप थोपकर दबाव बना रहे हैं, जबकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उधर,वन विभाग की ओर से इस संबंध में प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
