जोहान्सबर्ग 22 नवम्बर (वार्ता) जी 20 देशों के नेताओं ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए जलवायु परिवर्तन सहित सभी वैश्विक चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करने पर सहमति व्यक्त की है। जी 20 देशोंं के नेताओं का 20 वां शिखर सम्मेलन शनिवार को यहां शुरू हुआ। सम्मेलन में सभी सदस्य देशों द्वारा विभिन्न विषयोंं पर अपना दृष्टिकोण रखे जाने के बाद नेताओं ने सहमति से एक घोषणा पत्र जारी किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया।
घोषणा पत्र में किसी भी तरह के आतंकवाद को कतई नहीं बर्दाश्त करने के भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा गया है , ” हम सभी तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं।”
अफ्रीकी सरजमीं पर पहली बार हुए जी 20 सम्मेलन को ऐतिहासिक करार देते हुए सदस्य देशों ने कहा कि उन्होंने बड़ी वैश्विक चुनौतियों पर बात की और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास के मुख्य आधार के तौर पर एकजुटता, बराबरी और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की।
घोषणा पत्र मेंं अफ्रीकी दर्शनशास्त्र ‘उबंटू’ की भावना का उल्लेख करते हुए सभी देशों के बीच एकजुटता और समानता पर बल दिया गया। इसमें कहा गया है कि अलग-अलग देश अकेले नहीं बढ़ सकते। “उबंटू की अफ्रीकी फिलॉसफी, जिसका अक्सर मतलब होता है “मैं हूं क्योंकि हम हैं”, एक बड़े कम्युनिटी, सोशल, इकोनॉमिक और एनवायर्नमेंटल संदर्भ में लोगों के आपस में जुड़े होने पर ज़ोर देती है।” सदस्य देशों ने इसी के आधार पर कहा ,” हम देशों के एक ग्लोबल समुदाय के तौर पर अपने आपस में जुड़े होने को समझते हैं और मल्टीलेटरल कोऑपरेशन, मैक्रो पॉलिसी कोऑर्डिनेशन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और एकजुटता के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप के ज़रिए यह पक्का करने का अपना कमिटमेंट पक्का करते हैं कि कोई भी पीछे न छूटे।”
घोषणा पत्र में कहा गया है कि यह सम्मेलन बढ़ते भू राजनीतिक और भू- आर्थिक स्पर्धा तथा अस्थिरता, बढ़ते झगड़ों और युद्धों, बढ़ती असमानता, बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बिखराव की पृष्ठभूमि में हो रहा है। सदस्य देशों ने कहा,” इस मुश्किल राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक माहौल में, हम साझा चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए बहुपक्षीय सहयोग में विश्वास पर ज़ोर देते हैं। हम दुनिया भर में युद्धों और झगड़ों से होने वाले भारी मानवीय नुकसान और बुरे असर को लेकर चिंता व्यक्त करते हैं। ”
सदस्य देशों ने कहा कि वे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर तथा विवादों के शांतिपूर्ण निपटारे के सिद्धांत सहित अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के पालन की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हैं और आम लोगों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा करते हैं।
घोषणा पत्र में कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, सभी देशों को किसी भी देश की प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता या आज़ादी के खिलाफ कब्ज़ा करने की धमकी देने या ताकत का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और देशों को परस्पर दोस्ताना रिश्ते बनाने चाहिए, जिसमें बिना किसी जाति, लिंग, भाषा या धर्म के भेदभाव के सभी के लिए मानवाधिकार मौलिक स्वतंत्रता के सम्मान को बढ़ावा देना शामिल है।
सदस्य देशों ने सहमति व्यक्त की कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मकसद और सिद्धांतों के हिसाब से सूडान, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो, कब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी इलाके और यूक्रेन में स्थायी शांति के लिए काम करेंगे, साथ ही दुनिया भर में दूसरे झगड़ों और लड़ाइयों को भी खत्म करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ़ शांति से ही हम स्थिरता और खुशहाली हासिल कर पाएंगे।
घोषणा में पत्र में विभिन्न आपदाओं से निपटने की क्षमता और प्रतिक्रिया तंत्र को मज़बूत करने पर भी बल दिया गया है।
साथ ही कम आय वाले देशों के लिए कर्ज़ की स्थिरता (कैपिटल की लागत) निश्चित करने के लिए कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा सभी देशों तक ऊर्जा के संसाधनों और विकल्पों की पहुंच बनाने के लिए मिलकर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गयी है।
सदस्य देशों ने सबको साथ लेकर चलने वाले आर्थिक विकास, औद्योगिकरण रोज़गार और असमानता में कमी लाने की दिशा में काम करने पर भी सहमति व्यक्त की है।
अफ्रीका के विकास के लिए साझेदारी पर जोर देते हुए उन्होंने आर्थिक विकास, व्यापार, नौकरियों और खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए अफ्रीका को समर्थन दोहराया।
घोषणा पत्र के अंत में जी 20 के प्रति सभी सदस्यों ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने कहा,”
हम आर्थिक सहयोग के लिए सबसे बड़े फोरम के तौर पर जी 20 के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं और आम सहमति के आधार पर बहुपक्षवाद की भावना से इसके लगातार ऑपरेशन को जारी रखने की बात दोहराते हैं, जिसमें सभी सदस्य अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के अनुसार शिखर सम्मेलन सहित इसके सभी कार्यक्रमों में बराबरी से हिस्सा लेते हैं।”
जी 20 देशों ने आतंकवाद सहित सभी वैश्विक चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करने पर सहमति जताई
