इंदौर:इंदौर की चोइथराम मंडी में इस बार आम की शुरुआती आवक दक्षिण भारत, खासकर बेंगलुरु और कर्नाटक से हो रही है. फिलहाल चोइथराम मंडी में चार प्रमुख किस्में पहुंच रही हैं, जिनमें सिंदूरी और हापुस (अल्फांसो) जैसे लोकप्रिय आम शामिल हैं.सीजन की शुरुआत में आम की कीमतें सामान्य से अधिक हैं, लेकिन आम के शौकीन लोगों का उत्साह कम नहीं है. जैसे ही मंडी में आम पहुंचा, खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी. इस बार अंतरराष्ट्रीय हालात (युद्ध जैसी स्थिति) को देखते हुए आम के निर्यात पर असर पड़ सकता है.
व्यापारियों के अनुसार, एक्सपोर्ट मलिटी का आम भी देश में ही खप सकता है, जिससे स्थानीय बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आने की संभावना है. वहीं मौसम भी किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है. तेज हवाएं और मौसम की मार से आम की फसल को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है. चोइथराम मंडी में आम की सीमित आवक के चलते दाम ऊंचे बने हुए हैं-
हापुस आम- 50 से 250 रुपए प्रति किलो, प्रीमियम हापुस- 400 से 600 रुपए प्रति किलो, बादाम आम- 60 से 150 रुपए प्रति किलो और सिंदूरी आम- 60 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. रत्नागिरी का हापुस अभी बाजार में नहीं पहुंचा है, जिसके आने के बाद कीमतों में बदलाव संभव है.
निर्यात घटने से बाजार पर असर
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, के कारण आम के निर्यात पर असर पड़ सकता है. व्यापारियों के अनुसार, एक्सपोर्ट मलिटी आम देश में ही बिक सकता है. स्थानीय बाजार में सप्लाई बढ़ेगी.
आगे चलकर कीमतों में गिरावट आ सकती है.
मौसम बना चुनौती
तेज हवाएं और खराब मौसम आम की फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं. यदि मौसम अनुकूल नहीं रहा तो उत्पादन प्रभावित होगा, जिससे बाजार पर भी असर पड़ेगा.
मिल्की पाउच आम की एंट्री
मंडी में मिल्की पाउच पैकिंग वाले आम भी आने लगे हैं. कीमत 150 से 200 रुपए प्रति किलो है. इस तकनीक से आम की गुणवत्ता बेहतर रहती है मौसम का असर कम पड़ता है.
सस्ते आमों की मांग होती है ज्यादा
आम व्यापारी मुनव्वर शेख ने कहा कि चोइथराम मंडी में अभी एक ट्रक आम आया है. हापुस 150 से 250 रुपए किलो, बादाम 60 से 150 और सिंदूरी 60 से 120 रुपए किलो तक बिक रहा है. रत्नागिरी का हापुस अभी नहीं आया है, जो और महंगा होता है. आम व्यापारी मोहम्मद साबिर ने बताया कि प्रीमियम हापुस 400 से 600 रुपए किलो तक बिकता है, लेकिन महंगा होने के कारण इसकी डिमांड सीमित रहती है. सस्ते आमों की मांग ज्यादा है. आम व्यापारी सुनील चौरसिया ने कहा कि निर्यात प्रभावित होने और मौसम खराब रहने से आम की मलिटी पर असर पड़ सकता है. अगर मौसम ठीक रहा तो शहर के लोगों को एक्सपोर्ट मलिटी आम खाने को मिलेगा. मिल्की पाउच आम की डिमांड भी बढ़ रही है.
बच्चों को सीजन का पहला आम खिलाएंगे
जुलवानिया के पप्पू महाजन ने कहा कि मैं खासतौर पर हापुस आम खरीदने इंदौर आया हूं. मेहमानों को ‘फलों का राजा’ आम का स्वाद चखाने के लिए सिंदूरी और हापुस ले जाऊंगा. इंदौर की स्थानीय निवासी कोमल ने कहा कि बच्चे बाहर रहते हैं और अभी घर आए हैं इसलिए सीजन का पहला आम खिलाने के लिए सिंदूरी और हापुस खरीद रही हूं
