
नई दिल्ली, 22 नवंबर, 2025: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा देने के लगभग चार महीने बाद भोपाल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंधित एक किताब के विमोचन का था। हालाँकि, इस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति से ज्यादा चर्चा उनके स्वागत में हुई कमी की रही। भोपाल हवाई अड्डे पर भाजपा के किसी भी बड़े नेता का न पहुँचना एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने इस घटना को लेकर भाजपा पर सीधा हमला किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी भाजपा नेता का पूर्व उपराष्ट्रपति के स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर न पहुँचना, भाजपा की राजनीति की ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ (Use and Throw) वाली नीति को दर्शाता है। दिग्विजय सिंह के अनुसार, भाजपा केवल उन्हीं लोगों को महत्व देती है जो उनके राजनीतिक हितों को साधने में सहायक होते हैं, जिससे मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद शुरू हो गया है।
धनखड़ ने की RSS विचारों की प्रशंसा
स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद यह जगदीप धनखड़ का पहला सार्वजनिक संबोधन था। उन्होंने आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी मनमोहन वैद्य द्वारा लिखी गई किताब के विमोचन समारोह को संबोधित किया। अपने भाषण में, धनखड़ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारों और एक मजबूत राष्ट्र बनाने के उनके दृष्टिकोण की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने देश के भरोसे, सांस्कृतिक जड़ों और संस्थाओं की एकता को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
