सीहोर।जिले के आष्टा नगर पालिका में ठेके पर रखे गए 85 सफाई कर्मचारियों को अचानक हटाने को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है. मंगलवार से इन सफाईकर्मियों ने नपा के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है. पहले दिन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए नपा अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया.
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उनको बिना किसी सूचना के हटाया गया है. नौकरी से हटाने के साथ ही उनका करीब दो साल का पीएफ भी नहीं दिया गया है. पीएफ को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया है. सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नपा में अधिकारियों की मनमानी चल रही है. वह मनमर्जी से अपने हिसाब से कर्मचारियों को रखते और हटाते हैं. ऐसा ही उनके साथ हुआ है. सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उनके साथ भेदभाव किया गया है। अभी वह हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन आगामी दिनों में जो सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं वह भी इस हड़ताल का हिस्सा बनेंगे. यदि ऐसा हुआ तो शहर में साफ सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है और गंदगी के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. शहर के 18 वार्डो को साफ सुथरा रखने की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों की है. इससे समझ सकते हैं कि नगर में स्वच्छता का माहौल बनाने में कितना बड़ा योगदान है. हालांकि शाम तक नपा कार्यालय में इस समस्या का समाधान निकालने के लिए अधिकारियों द्वारा विचार- विमर्श किया जाता रहा.
