
छिंदवाड़ा। पेंच और कन्हान क्षेत्र की बंद पड़ी ओपन कास्ट खदानें इन दिनों कोल माफियाओं के निशाने पर हैं। चंद रुपयों का लालच देकर माफिया स्थानीय मजदूरों को जोखिम भरे बंद गड्ढों में उतार रहे हैं, जहां रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। बंद ओपन कास्ट खदान में अब तक एक दर्जन से भी अधिक लोगों की जान चली गई है, कानूनी खानापूर्ति के बाद एक बार फिर कोल माफिया लाखों कमा रहे हैं। इस अवैध गतिविधि ने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सनद रहे कि बीते दिन इकलेहरा की बंद ओपन कास्ट खदान में अवैध रूप से कोयला उत्खनन कर रहे चार लोग छानी धसकने से मलवे में दब गए थे। जिनका उपचार जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। मामले में पुलिस ने बताया कि घायलों के बयान के आधार पर कुछ कोल माफिया को चिंहित किया गया है, जिनके खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया जा सकता है।
इकलेहरा, रावनवाड़ा, शिवपुरी, पेंच ईस्ट और मोहन कालरी बनी केंद्र बिंदु
सूत्र बताते हैं कि पेंच क्षेत्र की इकलेहरा, रावनवाड़ा, शिवपुरी, पेंच ईस्ट, वहीं कन्हान की मोहन कालरी में अवैध उत्खनन का नेटवर्क बेहद सक्रिय है। खदानों के आसपास रात के वक्त अज्ञात वाहनों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। कई स्थानों पर कोयले को छोटे वाहनों में भरकर जंगल के रास्तों से बाहर निकाला जाता है, ताकि जांच से बचा जा सके। बताया जा रहा है की इकलेहरा और मोआरि बंद ओपन कास्ट खदान में इकलेहरा अंबाडा और जुन्नरदेव का एक सिंडीकेट काम कर रहा है। जो की हिंगलाज, उमरेठ के रास्ते कोयला छिंदवाड़ा के ईट भट्ठों को सप्लाई किया जा रहा है।
