किसान की करंट लगने से मौत, जीरन में 440 वी एलटी लाइन की चपेट में आया था किसान, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

नीमच। जिले के जीरन तहसील के ग्राम पिराना में शुक्रवार को कृषि कार्य के दौरान एक किसान की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना बिजली कंपनी की लापरवाही के कारण हुई। घटना से नाराज ग्रामीणों ने शव को जीरन अस्पताल के बाहर हरवार चौराहे पर रखकर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, पिराना निवासी 40 वर्षीय भगत गुर्जर पिता बापूलाल गुर्जर अपने खेत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान वे 440 वोल्ट की एलटी (लाइट ट्रांसमिशन) लाइन के खुले तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से भगत गुर्जर की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पिराना और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग जीरन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने शव को हरवार चौराहे पर रखकर यातायात बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली कंपनी और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि जर्जर तारों और अव्यवस्था को लेकर बार-बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया।

सडक़ पर शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।

प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष मदन गुर्जर भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने में शामिल हो गए। चक्काजाम के कारण चौराहे के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।

तहसीलदार और टीआई ने दिया आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव और तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने मुआयना कर पंचनामा तैयार किया। अधिकारियों ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई और शासन स्तर से उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।

इसके उपरांत चक्काजाम समाप्त कराया गया और शव को शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय नीमच भेजा गया।

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