ग्वालियर: शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए लश्कर पुल से लेकर जलल फैक्ट्री तक बनने वाले एलिवेटेड रोड से 30 सम्पत्तियाँ टूटेंगी। एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए संपूर्ण 21.24 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रथम फेज में अभी लगभग पाँच हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। शहर की यातायात समस्याओं को सुधारने एवं समान गति से चलने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एलिवेटेड रोड परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।नगरीय प्रशासन तथा निर्माण एजेंसियों की बैठक के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है।
मकानों को दी गई सूचना
30 मकानों को अधिगृहीत किया जाना है। उनकी नापजोख आदि का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है। भूमि एवं मकानों के मूल्यांकन के बाद ही अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा।
इन स्थानों पर आ रही परेशानी
एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य में जलल फैक्ट्री, गिरवाई, वीरपुर, शंकर लश्कर से लेकर लक्सर पुल तक कुछ मकानों को शामिल किया गया है। इससे संबंधित क्षेत्रों में ताराखेड़ा, जीवाजीगंज, रघुवंशी मंदिर के पीछे स्थित मकानों का अधिग्रहण होना है।
13.4 किमी लंबा है एलिवेटेड रोड
गिरवाई से लेकर जलल फैक्ट्री तक एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई 13.4 किमी है। प्रशासन ने 66 करोड़ रुपये की लागत से 477 करोड़ रुपये की परियोजना में से प्रथम चरण में 66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।एलिवेटेड रोड के आने बाद मकान खरीदने व बेचने पर भी असर पड़ेगा।
