
संदीप सोनी बीड़। देश के सबसे बड़े मीठे पानी के समुद्र हनुमंतिया में इस बार भी जल महोत्सव नहीं लग पाएगा। टेंट सिटी और रमणीय स्थल पर घास ऊग रही है। एक माह पहले ही महोत्सव के लिए टेंडर हो चुके हैं। इसके बावजूद पर्यटन विभाग मुंह नहीं खोल रहा है। यहां के अधिकारी और कर्मचारी चुप हैं। सात जल महोत्सव हो चुके हैं। मुख्यमंत्री बदलने के बाद हनुमंतिया जल महोत्सव खटाई में पड़ गया। इतना सुंदर स्थल और अरबों रुपए पहले ही खर्च होने के बावजूद 2023-24 से जल महोत्सव का खर्चा सरकार ने रोक दिया था। पर्यटन विभाग यहां से विदेशी डॉलर बटोर सकता था,लेकिन इच्छा-शक्ति के अभाव में सरकार की तरफ टक-टकी लगाए बैठा है।
खूबसूरत लुक
में है हनुमंतिया
इस समय इंदिरा सागर के जलाशय से पर्यटन स्थल हनुमंतिया काफी खूबसूरती दिखाई दे रहा है। टूरिज्म विभाग के अधिकारी बताते हैं कि,जल्द ही तारीख तय की जा रही है। तारीख आने से पहले ही ठेकेदार के द्वारा तैयारी शुरू की जाती है। अभी ऐसा कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है।
टल भी सकता है महोत्सव
सूत्रों के मुताबिक इस बार भी जल महोत्सव टल सकता है। दिल्ली की कंपनी को जल महोत्सव में टेंट सिटी और अन्य एक्टिविटी लगाने का टेंडर दिया गया है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की तैयारी न होने से यह उम्मीद लगाई जा रही है कि इस बार भी जल महोत्सव में सरकार रुचि नहीं दिखाई दे रही है।
जंगली घास का साम्राज्य
टेंट सिटी की जगह पर जंगली घास लगी हुई है। इस जंगल को अभी तक साफ – सफाई भी नहीं की गई है। पर्यटन स्थल हनुमंतिया के अधिकारी कर्मचारी भी कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। जल महोत्सव लगेगा या नहीं सिर्फ टेंडर खोलकर जल महोत्सव लगाना भूल गए हों,अगर ऐसा रहा तो फिर कभी भी जल महोत्सव नहीं लगेगा।
इसलिए बदल गए हनुमंतिया के हालात
मिनी गोवा के नाम से पहचान बनाने वाले पर्यटन स्थल हनुमंतिया ठंड के दिनों में जल महोत्सव मनाया जाता रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री बदले हैं, तब से जल महोत्सव की स्थिति बदल गई। 2023 -24 में भी जल महोत्सव आयोजित नहीं हुआ। इस बार जल महोत्सव को लेकर टेंडर भी डाले गए थे। जो अक्टूबर में खोल दिए गए। उम्मीद की जा रही थी, कि नवंबर में जल महोत्सव शुरू हो जाएगा। टेंडर खुलने के बाद भी टूरिज्म विभाग द्वारा तारीख तय नहीं कर पाया है। पर्यटक स्थल हनुमंतिया में किसी प्रकार की कोई भी तैयारी देखने को नहीं मिल रही है। नवंबर और दिसंबर 2 महीने ही पर्यटकों को घूमने का आनंद आता है।
