नगर पालिका में गुटबाजी: महिला नपाध्यक्ष को निशाने पर लेकर बढ़ी तकरार

गुना। नगर पालिका गुना में भाजपा पार्षदों की बढ़ती गुटबाजी अब खुले संघर्ष का रूप लेने लगी है। इस बार विवाद का केंद्र बनी हैं नगर पालिका की महिला नपाध्यक्ष, जिन पर पार्टी के ही एक धड़े ने गंभीर आरोप लगाकर नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि आरोप लगाने वाले अधिकांश वही पार्षद हैं, जिन्होंने पिछले महीने कांग्रेस के साथ मिलकर विकास प्रस्तावों को गिराया था।

इस बार 12 नामों से दी गई शिकायत में केवल 9 हस्ताक्षर पाए गए, जिसे राजनीतिक विश्लेषक अनुशासनहीनता का नया स्तर बता रहे हैं। आरोपों में लेगेसी वेस्ट रिमेडिएशन से लेकर वाहन किराये और फाइलों में हस्तक्षेप तक कई बिंदु शामिल किए गए, लेकिन जांच शुरू होते ही पूरे विवाद का दूसरा पक्ष भी सामने आया। नपाध्यक्ष निर्धारित तिथि पर सूचना न मिलने से अनुपस्थित रहीं, पर अगले ही दिन स्वयं एडीएम कार्यालय पहुंचकर बयान दर्ज कराया और सभी आरोपों का तथ्यात्मक खंडन किया। उनका कहना है कि न कोई अनियमितता हुई है और न किसी प्रकार का निजी लाभ लिया गया। यह शुद्ध रूप से राजनीति से प्रेरित मामला है।

महिला नपाध्यक्ष के प्रति इस तरह के लगातार हमलों को विशेषज्ञ भाजपा की स्थानीय गुटबाजी का परिणाम मानते हैं। उनका कहना है कि महिला नेतृत्व को लक्षित करना व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और शक्ति-प्रतिस्पर्धा का संकेत है। नपाध्यक्ष के समर्थक भी इसे विकास कार्यों को रोकने की रणनीति बताते हुए कहते हैं कि पिछले दो वर्षों में सफाई, सौंदर्याकरण, सड़क निर्माण और जल निकासी के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं, जिससे विरोधी धड़ा असहज है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि पार्षदों द्वारा सीधे प्रशासन को शिकायत देना पार्टी संगठन के अनुशासन को चुनौती देने जैसा है। दिलचस्प यह है कि प्रारंभिक जांच में कोई ठोस अनियमितता सामने नहीं आई है। अब सवाल यह है कि संगठन इस बढ़ती गुटबाजी और महिला नेतृत्व पर हो रहे हमलों पर कैसी और कितनी सख्त कार्रवाई करता है।

Next Post

बैतूल में 2200 अपात्र लोगों के राशन कार्ड निरस्त

Fri Nov 14 , 2025
बैतूल। गरीबों के हक का राशन खाने वालों पर आखिरकार प्रशासन ने सख्ती दिखा दी है। जिले में पात्रता जांच के बाद करीब 2200 अपात्र लोगों के नाम राशन सूची से बाहर कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई सरकार की उस पहल का हिस्सा है जिसके तहत राशन वितरण प्रणाली […]

You May Like