
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने आयुष विभाग के आयुक्त को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ता स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नियुक्ति दिनांक से नियमितिकरण का लाभ देने पर निर्णय लें। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने इसके लिए तीस दिन की मोहलत दी है।
सागर निवासी अमोल सिंह मालवीय व अन्य की ओर से अधिवक्ता रावेन्द्र तिवारी एवं विवेक सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ताओं को 2002-03 में जिला पंचायत द्वारा संविदा आधार पर नियुक्ति दी गई थी। बाद में 2009 में उन्हें आयुष विभाग में संविलियन किया गया, लेकिन उनकी पूर्व की सेवाओं को नहीं जोड़ा गया। दलील दी गई कि इंदौर बेंच ने दिनेश गुप्ता वाले प्रकरण में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कर्मचारियों को नियुक्ति दिनांक से नियमितीकरण का लाभ देना है।
