
सीधी। हिरन नदी का सीमांकन व्यवहारिक चुनौतियों से कठिन नजर आ रहा है। हिरन नदी का आज सीमांकन करने मौके पर पहुंचे राजस्व दल को अलग-अलग सीमा क्षेत्र के नक्शे में विभिन्नता और टेढ़ी-मेढ़ी नदी व सीमा में बने भवन के चलते चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
राजस्व टीम ने जब मौके पर नजर दौड़ाई तो हिरन नदी के अंदर एवं उसकी सीमा में कई घर नजर आये। पुराने नक्शे एवं वर्तमान स्थिति को देखकर राजस्व टीम भी काफी संशय में पड़ गयी। वहीं जानकारों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों द्वारा नक्शे में भी छेड़छाड़ कराई गई है। इस वजह से वर्तमान नक्शे से हिरन नदी का सीमांकन संभव नहीं है। संबंधित अधिकारी पुराने नक्शे के आधार पर सीमांकन कर्रवाई करें तभी यह संभव होगा।
अलग-अलग क्षेत्र में घटती और बढ़ती गई है नदी की चौड़ाई
हिरन नदी की वास्तविक स्थिति यह है कि यह शहरी क्षेत्र के अंदर अलग-अलग क्षेत्रों में चौड़ाई के लिहाज से काफी कम है। कुछ स्थानों में इसकी चौड़ाई ज्यादा है तो कुछ स्थानों में अतिक्रमण के चलते नाली में तब्दील हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों द्वारा कई दशकों से हिरन नदी के क्षेत्रफल में परिवर्तन कराया जाता रहा। इसी वजह से उसके पुराने एवं वर्तमान नक्शे में अंतर है।
सीएमओ के निर्देश पर मौके पर पहुंचा नपा का अमला
नगर पालिका परिषद सीधी की सीएमओ श्रीमती मिनी अग्रवाल के निर्देश पर आज हिरन नदी के सीमांकन कार्यवाई में नगरपालिका का अमला भी उपस्थित रहा। राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर नक्शे के अनुसार जो नापजोख कराई जा रही थी उस दौरान नगरपालिका का अमला भी मौजूद रहा।
इनका कहना है
हिरन नदी के आज सीमांकन हेतु एसडीएम गोपद बनास के निर्देशानुसार गठित सीमांकन दल के साथ सहयोग हेतु नगरपालिका परिषद सीधी के अमले को भेजने के साथ मेरे द्वारा भी निरीक्षण किया गया। हिरन नदी के सीमांकन के बाद हिरन नदी का सौंदर्यीकरण एवं अन्य योजना परिषद के प्रस्ताव एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जनभागीदारी और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किया जायेगा।
मिनी अग्रवाल, सीएमओ नपा सीधी
हिरन नदी क्षेत्र के सीमांकन के लिए कोतरकला एवं कोटहा का मौके पर जाकर नक्शे के अनुसार निरीक्षण किया गया। प्रथम दिन निरीक्षण के दौरान कुछ भवन नदी और नदी की सीमा में बने पाये गये हैं। दो अलग-अलग सीमा क्षेत्र से निकलने वाली हिरन नदी के सम्पूर्ण नक्शे में कुछ स्पष्ट नही हो रहा था। इसलिए अलग-अलग नम्बर के नक्शे के आधार पर सीमांकन संभव है। सीमांकन में कुछ व्यवहारिक एवं तकनीकी समस्याएं हैं। जिसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
आशीष कुमार मिश्रा, हल्का पटवारी गाड़ा बबन सिंह
