उज्जैन: मेडिकल डिवाइस पार्क में हेल्थ सेक्टर से जुड़ी देश की 11 बड़ी कंपनियां 600 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने जा रही हैं. इन कंपनियों को जमीन भी दे दी गई है, जिससे 1700 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के साथ मध्यप्रदेश अब तेज़ी से आत्मनिर्भर और औद्योगिक राज्य बनने की राह पर है. 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, और इसी दौरान प्रदेश में लगातार नए निवेश आ रहे हैं.
मेडिकल डिवाइस हब
मध्यप्रदेश को मेडिकल डिवाइस हब बनाने की दिशा में भी एक बड़ा पड़ाव साबित होगा. अब प्रदेश केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादन करने वाला राज्य बन रहा है, यानी अब यहां बने उत्पाद देश और विदेश, दोनों जगह जाएंगे. यह पार्क मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत विकसित हो रहा है.
विदेश पर निर्भरता घटेगी
सिरींज, नीडल हो या ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और आईसीयू मॉनिटरिंग डिवाइस, यहां बन रहे चिकित्सा उपकरण पूरी तरह स्वदेशी होंगे, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता घटेगी. देश में बने ये उपकरण अब प्रदेश और देश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेंगे.
मध्य प्रदेश निवेश और रोजगार का नया केंद्र
अब मध्यप्रदेश निवेश, नवाचार और रोजगार का नया केंद्र बन रहा है. यहां बन रहे उद्योग सिर्फ फैक्टि्रयां नहीं हैं, बल्कि एक नए आर्थिक भविष्य की नींव रख रहे हैं. चाहे मेडिकल डिवाइस पार्क हो या इन्वेस्ट एमपी पोर्टल, हर पहल का मकसद साफ है, लोगों को रोजगार देना, निवेशकों को भरोसा दिलाकर मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना.
एमपीआईडीसी के निदेशक से चर्चा
नवभारत से चर्चा में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हर दिन औद्योगिक निवेश की नई इबारत लिखी जा रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क में प्रमुख 11 कंपनियों को जमीन दे दी गई है। जल्द ही उनकी यूनिट का काम शुरू होगा.
उज्जैन की धरती पर कदम रखेंगी 11 बड़ी कंपनियां
रोहिनिका सिस्टम्स प्रालि- 100 करोड़ का निवेश, 100 रोजगार। 5 एकड़ में कंपनी टेस्टिंग सुविधाएं बनाएगी।जीएसी फार्मास्यूटिकल्स- 50 करोड़ का निवेश, 200 रोजगार। 3 एकड़ में इंप्लांट्स और डायग्नोस्टिक उपकरण बनाएगी. 9 एम इंडिया लिमिटेड- 100 करोड़ का निवेश, 150 रोजगार. 4.67 एकड़ में सिरिंज, नीडल, आईवी सेट व अन्य उत्पाद बनाएगी.
नोवानटिस लाइफ साइंस प्रा. लि.- 57 करोड़ का निवेश, 210 रोजगार. 2.55 एकड़ में सर्जिकल उपकरण जैसे कार्डिएक स्टेंट और लेप्रोस्कोपी स्टेपलर्स बनाएगी. अंबीटेक हेल्थकेयर प्रालि – 50 करोड़ का निवेश, 500 रोजगार. 1 एकड़ में ब्लड ग्लूकोज और बीपी मॉनिटर बनाएगी. प्लस पॉइंट डिवाइस- 13.5 करोड़ का निवेश, 53 रोजगार. 1.5 एकड़ में फ्लूड थेरेपी और केन्यूलेशन उपकरण बनाएगी. लाईफपल्स मेडटेक प्रालि – 61.87 करोड़ का निवेश, 100 रोजगार. 4 एकड़ में आईवी सेट और डोज डिलीवरी डिवाइस बनाएगी. कुस्व मेडीनोवा- 6 करोड़ का निवेश, 48 रोजगार. 0.5 एकड़ में ऑटोमेटेड यूरीन एनालाइजर बनाएगी।वेलट्रो ऑर्थोटिक्स प्रालि- 25 करोड़ का निवेश, 200 रोजगार. 2 एकड़ में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और आईसीयू मॉनिटरिंग डिवाइस बनाएगी. जमना हेल्थकेयर प्रालि- 50 करोड़ का निवेश, 100 रोजगार. 2.14 एकड़ में एआई बेस्ड डायग्नोस्टिक उपकरण बनाएगी.
66 कंपनियां आ चुकी हैं मेडिकल डिवाइस पार्क में
विक्रम उद्योगपुरी के एक हिस्से के रूप में बन रहा यह मेडिकल डिवाइस पार्क करीब 360 एकड़ में फैल रहा है. इसमें से 201 एकड़ जमीन उद्योगों के लिए तय है. अब तक 126 में से लगभग 120 प्लॉट्स का आवंटन हो चुका है. कुल मिलाकर 66 कंपनियों को अब तक जमीन दी जा चुकी है, जिनसे करीब 2 हजार 899 करोड़ रुपये का निवेश और 11 हजार से ज्यादा रोजगार मिलने की उम्मीद है.
