
नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों का मतदान 11 नवंबर को समाप्त हो चुका है और नतीजे 14 नवंबर को आने वाले हैं। नतीजों से पहले जारी हुए लगभग सभी एग्जिट पोल में एनडीए की भारी जीत का अनुमान लगाया गया है, जिसने महागठबंधन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, महागठबंधन अभी भी करीबी मुकाबले की उम्मीद कर रहा है और उसने नतीजों के बाद की रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने को बंगाल शिफ्टिंग की तैयारी
एग्जिट पोल के अनुमान के बाद, महागठबंधन ने अपने विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने विधायकों को जीत के तुरंत बाद पटना बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके बाद RJD और VIP के विधायकों को बंगाल में शिफ्ट किया जा सकता है, जबकि कांग्रेस अपने विधायकों को तेलंगाना या कर्नाटक भेज सकती है।
करीबी मुकाबले में जन सुराज पार्टी की भूमिका
बिहार कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने यह माना है कि बंपर वोटिंग के बावजूद, हार-जीत का अंतर बहुत कम हो सकता है। महागठबंधन को अभी भी भरोसा है कि चुनावी मुकाबला करीबी होगा। ऐसे में, प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी की भूमिका अहम हो सकती है, जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरी है। महागठबंधन इस करीबी मुकाबले के लिए हर स्थिति में तैयार रहने की कोशिश कर रहा है।
