
नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025: संतरे की नगरी नागपुर अब आर्थिक तरक्की के मामले में एक्सपोर्ट हब बन चुका है। क्षेत्र का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में ₹8,057 करोड़ बढ़कर ₹22,627 करोड़ पर पहुँच गया है, जो एक रिकॉर्ड है। इस बुलंदी पर पहुँचाने में एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल्स, आयरन एंड स्टील और केमिकल्स जैसे टॉप-5 निर्यातक क्षेत्रों का 80% योगदान है। इस रीजन से निर्यात किए गए माल में अमेरिका (यूएसए) शीर्ष खरीदार है, जिसे ₹3,214.87 करोड़ का निर्यात किया गया।
रीजन का निर्यात मूल्य ₹22 हजार करोड़ पार
नागपुर (रीजन) की निर्यात दर में वर्ष दर वर्ष बढ़ोतरी होती जा रही है। वित्त वर्ष 2024-25 में कुल निर्यात मूल्य ₹22,627 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2021-22 के ₹11,091.02 करोड़ से दोगुना है। रीजन से निर्यात किए जाने वाले अन्य प्रमुख देशों में फिलीपींस, बांग्लादेश, फ्रांस, ओमान और बेनिन शामिल हैं। चावल, दवा, हथियार, लोहा और इस्पात, विस्फोटक नागपुर क्षेत्र से सबसे अधिक निर्यात किए जाने वाले उत्पाद हैं।
उभरता औद्योगिक और MSME केंद्र
जिला उद्योग केंद्र के महाव्यवस्थापक शिवकुमार मुद्दमवार ने बताया कि राज्य सरकार और उद्योजकों की मेहनत से निर्यात लगातार बढ़ रहा है। कपास उत्पादन के कारण वर्धा के निर्यात में 54% की वृद्धि हुई है, जबकि नागपुर के निर्यात में अनाज (14%) और दवाइयों (11%) का प्रमुख योगदान है। नागपुर क्षेत्र अब कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, दवा और इंजीनियरिंग के लिए एक औद्योगिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है, जो इसे वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर रहा है।
