सीहोर में जलसंकट गहराने के आसार: तालाब खाली, नपा के दावों के बावजूद जारी पानी चोरी

सीहोर। अल्पवर्षा के चलते जिले के अधिकांश जलस्त्रोत खाली पड़े हैं. आगामी दिनों में भीषण जलसंकट गहराने के आसार बनते नजर आ रहे हैं. नपा ने शहर में नल- जल योजना से दो दिन छोड़कर जलप्रदाय करना शुरू कर दिया है, लेकिन संरक्षित पानी को सहेजने में अब भी लापरवाही बरती जा रही है जिससे नदी- तालाबों का जलस्तर तेजी से घटता जा रहा है. जो आगामी दिनों में जलसंकट को जन्म देगा.

इस साल मानसून अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा. औसत से कम बारिश होने के कारण शहर की प्यास बुझाने वाले भगवानपुरा व जमोनिया तालाब खाली रह गए हैं तो पार्वती नदी का काहिरी बंधान भी दिनों दिन खाली होता जा रहा है. ऐसे में आगामी दिनों में गहराने वाले जलसंकट को देखते हुए नपा ने इन जलस्त्रोतों में मौजूद पानी को पेयजल के लिए सुरक्षित कर दिया है तथा इस पानी से सिंचाई व अन्य कार्यों में उपयोग किए जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन इसका कोई असर होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि रबी सीजन की बोवनी के बाद अब सिंचाई करने के लिए जलाशयों के पानी का खुलकर उपयोग किया जा रहा है. नतीजतन दिनों- दिन जलस्तर कम होता जा रहा है. हालांकि नपा का दावा है कि पानी चोरी रोकने के लिए तीन दलों का गठन किया गया है जो नियमित रूप से जलस्त्रोतों का निरीक्षण करते हुए अवैध रूप से पानी चोरी करने वाली मोटरों को पकड़ा जा रहा है. इसके बाद भी पानी चोरी करने वालों के हौसलों में कमी नहीं आई है. वह न केवल भगवानपुरा और जमोनिया के अलावा काहिरी बंधान से पानी चोरी कर सिंचाई कर रहे हैं, बल्कि शहर की जीवनदायिनी सीवन नदी के पानी को भी उलीचने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. यही कारण है कि नवंबर माह में ही जलस्तर काफी कम हो गया है. आगामी दिनों में सीवन पूरी तरह खाली हो जाएगी तो आसपास के जलस्त्रोत कुओं और हैंडपंप पानी देने में असहाय हो जाएंगे जिससे जलसंकट तेजी से गहराने की आशंका बलवती हो गई है. इसके अलावा टाउनहाल के समीप वाले स्टॉप डेम से भी रोज पानी चोरी हो रहा है. आलम यह है कि एक सप्ताह में यह पूरी तरह खाली हो जाएगा जिसेा असर इंग्लिशपुरा, फोकटपुरा, जयंती कालोनी,अंजनी धाम, सीवन लाईफ आदि क्षेत्रों के जलस्त्रोतों पर पड़ेगा. यहां के बोर समय से पूर्व जबाव दे जाएंगे.

शहर में दो दिन छोड़कर हो रहा जलप्रदाय

नगरपालिका द्वारा अक्टूबर माह तक एक दिन के अंतराल से जलप्रदाय किया जा रहा था, लेकिन पानी चोरी रोकने में अपनी नाकामी को छुपाने के लिए एक नवंबर से दो दिन छोड़कर पानी वितरण किया जाने लगा है. तीसरे दिन नलों से पानी आने के कारण लोगों को ठंड के दिनों में ही पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है. ऐसे में लोगों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है. वर्तमान में जमोनिया तालाब में 23.5 फीट, भगवानपुरा तालाब में 20.4 फीट और काहिरी बंधान में 465.86 मीटर पानी बचा है. अगर नपा द्वारा पानी चोरी रोकने में सख्ती नहीं बरती गई तो फरवरी में ही जलसंकट के आसार बन जाएंगे.

नपा कर रही मोटरों की धरपकड़

पानी चोरी रोकने के लिए गठित किए गए अमले द्वारा सतत निरीक्षण किया जा रहा है. इस दौरान पानी चोरी करने वाली मोटरों को भी जब्त किया जा रहा है. हाल ही में हमारे द्वारा भगवानपुरा तालाब से तीन मोटरों को जब्त करने की कार्रवाई की गई है.

सुधीर कुमार,
मुख्य नपा अधिकारी सीहोर

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