संग्राम सिंह ने एमएमए एथलीटों को कुश्ती पर ध्यान देने की सलाह दी

नयी दिल्ली, (वार्ता) पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूपी कॉमनवेल्थ हेवीवेट चैंपियनशिप विजेता संग्राम सिंह ने प्रोफेशनल मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर्स बनने की इच्छा रखने वालों अगर सफल होना चाहते हैं तो उन्हें कुश्ती कौशल को बेहतर बनाना होगा।

संग्राम सिंह ने यूनीवार्ता के साथ साक्षात्कार में इस बात पर बल दिया कि एमएमए मुकाबले काफी हद तक कुश्ती पर आधारित होते हैं।

उन्होंने कहा, “स्ट्राइकिंग मुकाबलों का एक नगण्य हिस्सा है। उन्हें कई सालों तक अच्छी तरह से कुश्ती करनी चाहिए। एमएमए का अस्सी प्रतिशत कुश्ती है, स्ट्राइकिंग सिर्फ 20 प्रतिशत है, खबीब (खबीब नूरमगोमेदोव, अब तक के सबसे लंबे समय तक राज करने वाले अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप लाइटवेट चैंपियन) जैसे फाइटर्स का कुश्ती बैकग्राउंड बहुत अच्छा था।”

40 वर्षीय संग्राम ने हाथों की अच्छी ताकत बनाने के महत्व पर बल देते हुए कहा, “मेरे हाथ बड़े और मजबूत हैं, आप दुनिया के सभी चोक, सभी दाव-पेच जान सकते हैं लेकिन अगर आपके हाथों में जरूरी ताकत नहीं है तो आप उन दाव-पेच को अंजाम नहीं दे पाएंगे और टैप आउट नहीं कर पाएंगे।”

सिंह ने चार नवंबर को एम्स्टर्डम में लेवल्स फाइट लीग (एलएफएल) में ट्यूनीशियाई फाइटर हकीम ट्रैबेल्सी को दूसरे राउंड में टैप आउट करके प्रोफेशनल एमएमए फाइट में जीत हासिल की थी।

मुकाबले को लेकर संग्राम सिंह ने कहा, ” वह एक अच्छा पहलवान है और मुझसे बेहतर स्ट्राइकर है, जब उसने मुझे मारा, तो मैंने उसे पकड़ने की कोशिश की, मैंने पहले राउंड के दौरान दूरी बनाए रखने और उसे थकाने का प्रयास किया। वह कुछ बार मेरी पकड़ से बच निकला लेकिन मैं दूसरे राउंड में चोक करने में कामयाब रहा।”

सिंह, जो एक मोटिवेशनल स्पीकर और रियलिटी शो स्टार के रूप में भी जाने जाते हैं, ने फाइट की तैयारियों के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “फाइट की तैयारी के लिए, मैं मूय थाई सीखने के लिए थाईलैंड गया था। मैंने जितना हो सका सीखा, इतने कम समय में उसे लागू करना असंभव होता, मैंने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि उन हमलों से कैसे बचा जाए। मेरा मानना है कि हमें अपनी ताकत पर टिके रहना चाहिए। बहुत ज्यादा नई टेक्नीक आजमाने से आप अपनी ताकत से दूर हो सकते हैं।”

ट्यूनीशिया के सात बार के नेशनल रेसलिंग चैंपियन और अनुभवी एमएमए प्रोफेशनल ट्रैबेल्सी के खिलाफ उनकी जीत उनके प्रोफेशनल करियर की दूसरी जीत थी। उनकी पहली जीत 2024 में त्बिलिसी (जॉर्जिया) में गामा इंटरनेशनल फाइटिंग चैंपियनशिप में उनके प्रोफेशनल डेब्यू में हुई थी, जहां उन्होंने पाकिस्तानी फाइटर अली रजा नासिर को 90 सेकंड से भी कम समय में हरा दिया था।

उन्होंने कहा कि वह भविष्य के मुकाबलों के लिए अपना स्ट्राइकिंग कौशल को बेहतर बनाने पर काम करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अपने भविष्य के मुकाबलों के लिए अपनी स्ट्राइकिंग कौशल को बेहतर बनाने पर काम करूंगा, मेरा अगला मैच दिसंबर में तय था लेकिन मैंने उसे टाल दिया ताकि मैं अभ्यास कर सकूं और अपने खेल, खासकर किक और पंच में सुधार कर सकूं। मैं कई प्रमोशन से बात कर रहा हूं और 2026 के शुरुआती महीनों में फाइट करूंगा, उम्मीद है कि आप मुझे टाइटल के लिए मुकाबला करते हुए देखेंगे।”

उन्होंने मिश्रित मार्शल आर्ट के भारत में उत्थान की आशा करते हुए कहा, “फुटबॉल और कॉम्बैट स्पोर्ट्स में हमारे पास सबसे ज्यादा दर्शक हैं, हालांकि हम इन दोनों में अपनी क्षमता हासिल नहीं कर पाए हैं, लेकिन दिलचस्पी का स्तर बड़े पैमाने पर अभ्यास में बदल रहा है और मुझे भरोसा है कि 3-4 सालों में भारत कॉम्बैट स्पोर्ट्स में शीर्ष पांच में होगा।”

 

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