युवाओं में एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देगी सरदार पटेल जयंती पदयात्रा: आलोक

भोपाल: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में उत्साह और एकता का माहौल है। इस अवसर पर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में तीन स्तरीय पदयात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। सांसद आलोक शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाना, समाज के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना और एकता के सूत्र को मजबूत करना है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण के विज़न से प्रेरित है।

पहली जिला स्तरीय पदयात्रा 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में निकाली जा रही है।दूसरी रोड यात्रा 26 नवंबर से भारतीय जनता युवा मोर्चा के बैनर तले शुरू होगी, जिसमें देशभर के युवा दिल्ली, जयपुर, नागपुर और मुंबई से सरदार पटेल की जन्मस्थली करमसद तक पहुंचेंगे।तीसरी नेशनल पदयात्रा 26 नवंबर से 6 दिसंबर तक करमसद से केवड़िया तक 150 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

भोपाल-सीहोर लोकसभा क्षेत्र में यह यात्रा तीन चरणों में निकाली जा रही है। पहला चरण भोपाल में 11 नवंबर को वल्लभ भवन स्थित सरदार पटेल प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ शुरू होगा। दूसरा चरण बैरसिया में 12 नवंबर को और तीसरा चरण सीहोर में 13 नवंबर को आयोजित होगा।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यती सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगा।

जिलाध्यक्ष रविन्द्र यती ने कहा कि सरदार पटेल की लौह इच्छाशक्ति भारत की एकता का प्रतीक थी। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए यह पदयात्रा राष्ट्र जागरण का अभियान है।पदयात्राओं के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, स्वदेशी मेले, निबंध-विवाद प्रतियोगिता और नशामुक्त भारत शपथ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सभी गतिविधियां MY Bharat पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत होंगी।

Next Post

ग्वालियर के परमार्थ आश्रम पर 15 कन्याओं का विवाह संस्कार हुआ

Mon Nov 10 , 2025
ग्वालियर: विवाह संस्कार ईश्वर द्वारा दिया हुआ वरदान है जिससे मनुष्य अपने सामाजिक जीवन की दिशा तय करता है। परिवार एवं समाज में आज से जोड़ा एक नई भूमिका में होता है आज जो बेटी की भूमिका में है वह आज से पत्नी की भूमिका में होगी कल मां की […]

You May Like