इंदौर:शहर ने सार्वजनिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर पहला कदम ना सिर्फ बढ़ाया है, बल्कि पहला प्रोजेक्ट पूर्ण होने जा रहा है. नगर निगम के बॉन्ड से जलूद में सोलर प्लांट का कार्य अंतिम दौर में है. ऐसी संभावना है कि अगले एक माह के भीतर बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा.स्वच्छता और नवाचार की पहचान इंदौर अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा सक्षम बन रहा है.
नगर निगम द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संरक्षण में ग्राम सामराज एवं ग्राम आसुखेड़ी की 210 एकड़ भूमि पर 60 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने का कार्य पूरा कर लिया है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज जलूद स्थित सोलर पावर प्लांट, जल शोधन संयंत्र एवं पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान महापौर ने परियोजना की प्रगति, तकनीकी संरचना और ऊर्जा बचत की संभावनाओं की जानकारी ली.
80 लाख यूनिट बिजली की बचत
महापौर ने पुष्यमित्र भार्गव कहा कि इस परियोजना के पूर्ण संचालन से नगर निगम को प्रति माह लगभग 80 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जिससे 3 से 4 करोड़ रुपए मासिक विद्युत बिल में कमी आएगी. यह कदम इंदौर को ऊर्जा आत्मनिर्भर शहर के रूप में नई पहचान देगा.
शेष कार्य शीघ्रता से पूरे करें
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को शीघ्रता से पूरा कर टेस्टिंग एवं कमीशनिंग की प्रक्रिया आरंभ की जाए. उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल नगर निगम की बिजली लागत में बड़ी बचत करेगी, बल्कि इंदौर को ग्रीन एनर्जी सिटी के रूप में स्थापित करेगी. इस अवसर पर जल कार्य प्रभारी अभिषेक (बबलू) शर्मा एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.
सोलर प्लांट की विशेषता
1.23 लाख सोलर मॉड्यूल से होगा 60 मेगावाट बिजली उत्पादन
परियोजना के अंतर्गत 210 एकड़ भूमि को सात भागों में बांटा
ग्राम सामराज के भाग 1 से 5 तक 48 मेगावाट
ग्राम आसुखेड़ी के भाग 6 एवं 7 से 12 मेगावाट बिजली उत्पादन
