इंदौर: हाल ही में हुई असमय बारिश ने किसानों की मेहनत और फसल चक्र दोनों पर गहरा असर डाला है. ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं, आलू और लहसुन की बुवाई का कार्य इस समय तक लगभग पूरा हो जाता था, लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण खेतों में अत्यधिक नमी और कीचड़ होने से बुवाई का काम ठप हो गया था.अब जैसे ही मौसम खुला, किसान ट्रैक्टरों के साथ फिर से खेतों में उतर आए हैं और तेज़ी से बोवाई का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि निर्धारित समय के भीतर फसल की बुवाई पूरी हो सके.
खेतों की जुताई कर किसान नमी को संतुलित कर रहे हैं, जिससे बीज अंकुरण बेहतर हो और फसल की उत्पादकता पर असर न पड़े. किसानों का कहना है कि इस बार असमय हुई बारिश ने फसल चक्र को प्रभावित किया है और खेतों में खरपतवार की मात्रा भी बढ़ गई है. हालांकि, उनका यह भी मानना है कि हाल की बारिश से खरपतवार पूरी तरह विकसित हो चुकी है, जिससे एक बार जुताई करने पर खेत खरपतवार-मुक्त हो जाएंगे और बुवाई का काम और सुचारू रूप से संपन्न होगा.
हर परिस्थिति में तैयार करते हैं फसल
किसान नेता बबलू जाधव ने कहा कि किसान हर परिस्थिति में मेहनत से अपनी फसल तैयार करते हैं. असमय बारिश ने जहां बुवाई के कार्य में देरी की है, वहीं किसानों ने हिम्मत नहीं हारी है. मौसम खुलते ही सभी किसान पूरी लगन से अपने खेतों में जुट गए हैं.
