सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के ने शिक्षा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की. उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, ई-अटेंडेंस प्रणाली, नामांकन की स्थिति, चाइल्ड ट्रैकिंग एवं शैक्षणिक अनुशासन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि जिले के सभी शिक्षक प्रतिदिन अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस लगाएं. कुछ शिक्षक अब भी ई-अटेंडेंस लगाने में लापरवाही बरत रहे हैं, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया ऐसे शिक्षकों को तत्काल निर्देशित करें और आवश्यक होने पर कार्रवाई की जाए. उन्होंने ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा कि पहले स्वयं अनुशासन सीखें, फिर बच्चों को अनुशासन सिखाएं. विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता तभी सुधरेगी जब शिक्षक अपने दायित्वों का पालन निष्ठा से करेंगे.
उन्होंने निर्देश दिए कि वे स्कूलों का औचक निरीक्षण करें. निरीक्षण के दौरान यदि किसी शिक्षक की बिना सूचना अनुपस्थिति या अन्य अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए और गंभीर मामलों में निलंबन की कार्रवाई की जाए. कलेक्टर ने चाइल्ड ट्रैकिंग एवं नामांकन स्थिति की समीक्षा की और कहा कि किसी बच्चे का नाम विद्यालय से ड्रॉप आउट नहीं होना चाहिए. शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान कर उन्हें शीघ्र विद्यालयों में नामांकित किया जाए.
कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे मामलों में निलंबन की कार्रवाई की जाएगी. बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने भीकहा कि सभी अधिकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए प्राथमिकता से कार्य करे.
