नई दिल्ली, 07 नवम्बर (वार्ता): रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में हुए कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए उन्हें 14 नवंबर को समन भेजा है। इससे पहले, ईडी ने अगस्त में भी उनसे पूछताछ की थी। हाल ही में एजेंसी ने अंबानी समूह की कंपनियों से जुड़ी 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क करने के अस्थायी आदेश जारी किए थे।
कुर्की के बावजूद कारोबार पर नहीं असर
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 42 संपत्तियों की कुर्की के अस्थायी आदेश जारी किए हैं। इनमें अनिल अंबानी का मुंबई के पाली हिल स्थित पारिवारिक आवास और समूह कंपनियों की अन्य संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ने स्पष्ट किया है कि कुर्की का उनके संचालन या भविष्य की संभावनाओं पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। समूह की कंपनियों ने बताया कि कुर्क की गई अधिकांश संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशंस की हैं, जो पहले ही कर्जदाताओं की समिति (CoC) के नियंत्रण में है।
SFIO भी करेगा ADAG समूह की जांच
ईडी की जांच के बाद, अब कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय (MCA) भी अनिल अंबानी के ADAG समूह की जांच करेगा। मंत्रालय ने अपनी एजेंसी ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस’ (SFIO) को रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस सहित अन्य कंपनियों की जांच सौंपी है। एसएफआईओ कॉरपोरेट गवर्नेंस की खामियों, ऑडिटरों की लापरवाही, और शेल कंपनियों के जरिए धन के हेरफेर की जांच करेगा, जो वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के बाद की गई है।

