
उदयपुरा। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को नर्मदा तट बौरास पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही हजारों श्रद्धालु महिला-पुरुष पुण्यसलिला मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाने पहुंचे। दिनभर श्रद्धालुओं द्वारा पुण्य स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा।
बौरास नर्मदा तट ऐतिहासिक स्थल माना जाता है, जहां कभी विलिनीकरण आंदोलन के दौरान भोपाल नवाब ने संक्रांति मेले में श्रद्धालुओं पर गोली चलवाई थी। यह भूमि उस संघर्ष की गवाह रही है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी 5 नवंबर 2025 को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां भव्य मेला आयोजित हुआ, जिसे स्थानीय लोग अपनी क्षेत्रीय भाषा में जत्रा का मेला कहते हैं। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा मैया के जयकारों के साथ स्नान कर सुख-समृद्धि की कामना की।
