मेडिकल कॉलेज की जमीन पर संकट: कोसमी के 70 परिवारों का उजड़ने का खतरा

बैतूल। जिले के ग्राम कोसमी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की भूमि को लेकर विवाद तेजी से गहराता जा रहा है। प्रशासन जहां कॉलेज निर्माण के लिए जमीन आवंटित करने की तैयारी में है, वहीं चार दशक से उसी भूमि पर रह रहे ग्रामीण अब अपने घरों को बचाने के लिए सड़क पर उतर आए हैं।

कोसमी गांव के दर्जनों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्ष 1980 से इस भूमि पर रह रहे हैं और वर्ष 1998 में उन्हें राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत ग्राम पंचायत द्वारा पट्टे भी दिए गए थे। अब उसी जमीन को कॉलेज निर्माण के लिए निजी संस्था को दिए जाने से लगभग 70 परिवारों का अस्तित्व खतरे में है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे ने बताया कि सीमांकन के दौरान कई ग्रामीणों के पक्के मकान कॉलेज की भूमि में शामिल कर लिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चार दशक से बसे लोगों को उजाड़ना अन्याय है। उन्होंने मांग की है कि इस भूमि को आवासीय घोषित कर उन्हें स्वामित्व अधिकार दिए जाएं।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे

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