
इंदौर. भेरू घाट पर सोमवार रात हुए बस हादसे के बाद घायलों को इंदौर के एमवाय अस्पताल लाया गया था. हादसे में कुल 13 लोग अस्पताल पहुंचे, जिनमें एक महिला को मृत अवस्था में लाया था. इस दौरान एमवाय अस्पताल की पुरी टीम अलर्ट मोड पर रही.
सोमवार रात करीब 11:30 बजे तक हादसे में घायल आठ मरीज एमवाय अस्पताल पहुंच चुके थे. सूचना मिलते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया तत्काल अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्थाएं संभालीं. उन्होंने नर्सिंग स्टाफ, विभागाध्यक्षों और अन्य डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा. डॉ. घनघोरिया ने बताया कि मास कैजुअल्टी की स्थिति में अस्पताल की पूरी टीम तत्परता से जुट गई थी. घायलों के उपचार के लिए आपातकालीन विभाग में अतिरिक्त डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई, वहीं सर्जरी, ऑर्थो और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर भी मौके पर मौजूद रहे. प्रदेश का सबसे बड़ा और सुसज्जित एमवाय अस्पताल हर प्रकार की आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है. यहां एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर 24 घंटे सेवाएं देते हैं. अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट, ऑर्गन डोनेशन सेंटर, ब्लड बैंक, मिल्क बैंक, डायलिसिस यूनिट और एडवांस केजुअल्टी वार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना, राज्य बीमारी सहायता योजना और दीनदयाल योजना जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं भी एमवाय में संचालित हैं. डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि एमवाय अस्पताल किसी भी आपात स्थिति में पूरी तत्परता के साथ तैयार रहता है. हमारे पास विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की मजबूत टीम है, जो हर परिस्थिति में तुरंत इलाज शुरू कर देती है.