उदयपुरा: ग्राम कानीवाड़ा में संत, ग्रंथ, संदेश, मानस यात्रा पहुंचने पर मानस सत्संग समिति ने पुष्प मालाओं से विद्वानों व अतिथियों का स्वागत किया। खेड़ापति मंदिर में मानस ग्रंथ की पूजन के बाद सत्संग हुआ। धर्माधिकारी राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि श्रीराम का दर्शन पूर्व जन्मों के पुण्य से संभव है, सत्संग से ही प्रभु दर्शन प्राप्त होते हैं। संगीताचार्य हरिदास शास्त्री ने श्रीराम के सद्गुणों को मानवता का आदर्श बताया।
नर्मदा प्रसाद रामायणी ने कहा कि उत्सव जीवन में नई ऊर्जा लाते हैं। कवि गोविंद गोदानी के मंगल गीतों से वातावरण भावविभोर हुआ। संयोजक अधिवक्ता चतुरनारायण रघुवंशी ने बताया कि सत्संग से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। कार्यक्रम का समापन हनुमान चालीसा पाठ और आरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया।
