मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना दिवस पर जारी विकसित मध्यप्रदेश – 2047 विजन डॉक्यूमेंट राज्य के समग्र विकास का एक अहम रोडमैप साबित होने जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की स्थापना दिवस पर इसे जारी किया. इस विजन डॉक्यूमेंट में अगले 22 वर्षों की योजनाएं और बड़े लक्ष्य स्पष्ट रूप से परिगणित हैं, जो प्रदेश को एक विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक दृष्टि से समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करेंगे. इस रोड मैप का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत – 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्यों से इसका गहरा तालमेल है. यह स्पष्ट करता है कि मध्यप्रदेश अपने विकास की गति को केंद्र सरकार की योजनाओं और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप बनाएगा.
यह दस्तावेज़ केवल सरकारी योजनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि प्रदेश के हर नागरिक की आकांक्षाओं और मेहनत का प्रतिबिंब है. विजन डॉक्यूमेंट का केंद्र बिन्दु युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और औद्योगिक विकास को तेजी देना है. अगले दो दशकों में मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में बदलने का लक्ष्य रखा गया है. 1 करोड़ रोजगार सृजन की महत्वाकांक्षा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ युवाओं को नई राह दिखाएगी. इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में 2 लाख सरकारी नौकरियों का सृजन, युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा. औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या में 100 से अधिक की वृद्धि और प्रमुख एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर का निर्माण न केवल उद्योगों को बढ़ावा देगा बल्कि सामान के परिवहन में भी गति लाएगा.
तकनीकी प्रगति और शिक्षा को भी इस विजन में खास स्थान दिया गया है. शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने का संकेत है, जिससे मानव संसाधन की गुणवत्ता में सुधार होगा. तीन एआई सिटी विकसित करने की योजना डिजिटल युग में मध्यप्रदेश को एक अग्रणी सेवा प्रदाता बनाकर नई तकनीकों को अपनाने वाला राज्य बनाएगी. पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास भी इस रोड मैप का अभिन्न हिस्सा हैं. ओंकारेश्वर अभयारण्य के विकास से जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. यह परियोजना खण्डवा एवं देवास जिलों के प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन करेगी. इसी तरह पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय संस्कृति तथा परम्पराओं को भी नया जीवन मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. दरअसल, विकसित मध्यप्रदेश – 2047 विजन डॉक्यूमेंट एक साझा सपने की तरह है, जो अगले 22 वर्षों में प्रदेश को खुशहाली, समृद्धि और सांस्कृतिक समृद्धि के तीन स्तंभ पर खड़ा करेगा. यह दस्तावेज़ शासन, प्रशासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने का एक माध्यम भी है. यह केवल एक योजनाबद्ध विकास रोड मैप नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें हर नागरिक का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल होगा. इस संकल्प और योजना के सफल क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि वह देश के आर्थिक और सामाजिक मानचित्र पर एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा. यह विजन डॉक्यूमेंट प्रदेश के लिए गौरवशाली 70 सालों की यात्रा का एक नया अध्याय है, जो इसे 2047 में एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाएगा. बहरहाल, प्रदेश सरकार का यह प्रयास स्वागत योग्य है, अब सरकार को चाहिए कि इसके क्रियान्वयन पर फोकस करें, जिससे प्रदेशवासियों के सपने हकीकत में बदल सकें.
