
गंजबासौदा। नगर की जलप्रदाय व्यवस्था बदहाल होती जा रही है. मुख्य मार्गों और विभिन्न वार्डों में लगे नल कनेक्शनों से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह जाता है. अनेक मकान मालिकों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइनें सुधारने या टोंटी लगवाने की जहमत नहीं उठाई है, जिससे लगातार पानी की बर्बादी हो रही है. कई खाली और बिकाऊ मकानों में भी नल कनेक्शन चालू हैं, जहां मकान बंद रहते हुए भी पानी व्यर्थ बहता रहता है.
नगर में बड़ी संख्या में अवैध नल कनेक्शन भी पाए जा रहे हैं. बताया जाता है कि नगर पालिका के कुछ कर्मचारी ऐसे कनेक्शनों में सहयोग करते हैं। अधिकारी फील्ड में नहीं जाते, जिससे स्थिति पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. कई बस्तियों में जलप्रदाय पाइपलाइनें टूटी पड़ी हैं, और कुछ स्थानों पर गंदी नालियों से जुड़ जाने के कारण नागरिक दूषित पानी पीने को मजबूर हैं.
लोगों का कहना है कि अधिकृत तरीके से कनेक्शन कराने पर अधिक राशि देनी पड़ती है, इसलिए लोग जुगाड़ से अवैध कनेक्शन करा लेते हैं. ये कनेक्शन अक्सर रात के समय गड्ढे खोदकर कर दिए जाते हैं और सुबह भर दिए जाते हैं. इससे न केवल नगर पालिका को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि जलप्रदाय व्यवस्था की विश्वसनीयता भी समाप्त हो रही है.
गंजबासौदा नगर पालिका के 24 वार्डों में लगभग एक लाख से अधिक की आबादी है, लेकिन नल कनेक्शनों की संख्या बहुत कम है. जल विभाग की आय और व्यय में भारी अंतर बना हुआ है. परिषद में पारदर्शिता की बात तो होती है, परंतु विकास कार्यों में पक्षपात और अनियमितता साफ झलकती है.
मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता, इसलिए मुझे कई मामलों की जानकारी नहीं होती इससे पार्षद और लोगों में रोष व्याप्त है और नगर की जलप्रदाय व्यवस्था सुधार की राह देख रही है.
