
विदिशा। इलाज में देरी और जल्दबाजी को लेकर विदिशा मेडिकल कॉलेज में फिर एक बार विवाद हो गया. मरीज के परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच कहासुनी के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामला जांच में लिया. फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.
सूत्रों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में 65 वर्षीय सुल्ताना बी को घर में गिरने से लगी चोटों के बाद इलाज के लिए लाया गया था. उनके साथ फारुख सहित 8-10 लोग भी मौजूद थे. जांच के दौरान जब डॉक्टर ने मरीज के होंठ के अंदरूनी हिस्से में आई चोट देखने के लिए मुंह खुलवाने की कोशिश की, तो परिजनों ने विरोध करते हुए स्टाफ से धक्का-मुक्की कर दी.
बताया गया कि नर्सिंग स्टाफ के साथ झूमाझटकी भी हुई, जिससे कुछ कर्मी घायल हो गए. इस दौरान वार्ड में तोड़फोड़ की गई और दवाइयों व इंजेक्शन की ट्रॉली पलट दी गई, जिससे आवश्यक दवाएं बिखर गईं. अस्पताल का दरवाजा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को अस्पताल से बाहर किया. फिलहाल मरीज का उपचार जारी है और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है.
कोतवाली टीआई आनंद राज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में हुए विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया. मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
