नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की वकालत पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बात सार्वजनिक है कि कांग्रेस ने सरदार पटेल के साथ क्या किया। उनको वह सम्मान नहीं मिला जिसके हकदार थे। यह दावा भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने अपने एक बयान में किया।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल के साथ क्या किया, यह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले आप लोगों ने कांग्रेस के कितने कार्यक्रमों में सरदार पटेल की तस्वीर लगी देखी। श्री त्रिवदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी, बनवाई है। आज तक कोई भी कांग्रेस नेता वहां नहीं गया। यह सरदार पटेल के प्रति कांग्रेस नेताओं की भावनाओं को दर्शाता है।
श्री त्रिवदी ने कहा कि वह खरगे जी को याद दिलाना चाहते हैं जो महात्मा गांधी ने कहा था। गांधी जी ने कहा था, “मैं संघ के शिविर में गया था जब इसके संस्थापक डॉ. हेडगेवार जीवित थे और मैं वहां के अनुशासन और अस्पृश्यता के अभाव से बहुत प्रभावित हुआ था और वे बहुत अच्छा काम कर रहे थे।” श्री त्रिवदी ने कहा, कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को कम से कम अपने नेताओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए और फिर टिप्पणी करनी चाहिए।
वहीं एक अन्य बयान में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “महात्मा गांधी और डॉ. बीआर अंबेडकर ने सार्वजनिक रूप से संघ की समानता के मंच के रूप में सराहना की थी, वहीं 1963 में, जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें सम्मानित करने के लिए संघ को आमंत्रित किया था, और संघ ने इसमें भाग भी लिया था। उन्होंने कहा कि जहाँ तक महात्मा गांधी की हत्या का सवाल है, कपूर आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संघ की इसमें कोई भूमिका नहीं है, जो मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए बयानों के विपरीत है।
श्री पात्रा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे आज जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वह पीएफआई, मुस्लिम लीग की भाषा है, ये अतिवादी संगठन संघ के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं।
