
भोपाल: मंत्रालय के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और कार्मिक सचिव एम. सेल्वेन्द्रन को ज्ञापन सौंपकर आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि 23 नवंबर को आयोजित अजाक्स संगठन के प्रांतीय अधिवेशन में वर्मा ने सवर्ण समाज की बेटियों को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय बयान दिया था।
मंत्रालय सेवा अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि अजाक्स के नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष वर्मा का बयान न केवल समाज की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि प्रशासनिक आचरण के मानकों का भी उल्लंघन है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के पूर्व वरिष्ठ कर्मचारी नेता अनिल तिवारी भी मौजूद रहे।
मंत्रालय में कार्यरत सामान्य वर्ग के बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी इस विरोध में शामिल हुए। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी आशीष सोनी, दयानंद उपाध्याय, सतीश शर्मा और श्याम बिहारी दुबे, सपाक्स के सचिव अमरेश गालर तथा अनेक महिला कर्मचारी भी मौजूद रहीं।
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने अपने कक्ष से बाहर आकर ज्ञापन लिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने कार्मिक सचिव एम. सेल्वेन्द्रन को भी ज्ञापन सौंपकर अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के तहत वर्मा के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।
लिपिक संघ के एम.एल. शर्मा और संतोष दीक्षित, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के विजय रघुवंशी और उमाशंकर तिवारी तथा कर्मचारी मंच के अशोक पांडे ने भी समर्थन जताया। युवा ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष रामनारायण अवस्थी ने भी उपमुख्यमंत्री को अलग से ज्ञापन सौंपा।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि दो-तीन दिनों में कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।
