रीवा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी गुरुवार को महिलाओं ने आंवले के वृक्ष के नीचे श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना कर साथ में भोजन कर व्रत का समापन किया.
अक्षय नवमी पर शहर के पचमठा आश्रम में महिला श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की. इसको लेकर सूर्योदय से पहले उठकर व्रती महिलाएं धुले हुए कपड़े पहनकर पूजन सामग्री के साथ आंवला के पेड़ के पास आसन पर बैठकर पूजा शुरू की. जिसमें आवंला के वृक्ष को हल्दी कुमकुम लगाकर पूजन सामग्री से विधिपूनर्वक पूजा अर्चना की. इसके बाद पेड़ की जड़ के पास सफाई कर जल और कच्चा दूध अर्पित किया. फिर व्रती महिलाएं तने पर कच्चा सूत या मौली लपेटते हुए वृक्ष की कम से कम आठ बार परिक्रमा की. कई महिलाओं ने पेड़ की 11 बार से अधिक की भी परिक्रमा किया. इसके बाद आंवला वृक्ष के पास फल व फूल का भी चढ़ाावा किया. पूजा के बाद अपने और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हुए वृक्ष के नीचे बैठ कर घर से बनाकर लेकर गई भोजन पकवान भगवान को अर्पित कर समूह के साथ प्रसाद ग्रहण की. ऐसी मान्यता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है. इस दिन आंवले के पेड़ छाया में बैठना और उसके नीचे भोजन बनाना व भोजन प्रसाद ग्रहण करना शुभ माना जाता है.
