नयी दिल्ली, (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है जिससे गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या बढ़कर सात हो गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहिल्यानगर के धनंजय लोखंडा और मनीषा वाघमारे के रूप में हुई है। एजेंसी ने पिछले 24 घंटों में देश भर में 14 जगहों पर तलाशी भी ली।
इस बीच, पहले गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपियों को दिल्ली की सक्षम अदालत में पेश किया गया और पूछताछ के लिए सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
सीबीआई ने 12 मई को केन्द्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। यह शिकायत नीट यूजी 2026 परीक्षा का पेपर कथित तौर पर लीक होने के संबंध में थी।
इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें तीन जयपुर एवं एक गुरुग्राम से और एक नासिक से है।
सीबीआई के अनुसार जांच में पता चला है कि अप्रैल 2026 में नासिक के रहने वाले शुभम ने यश यादव को बताया कि मांगी लाल ने अपने छोटे बेटे के लिए नीट यूजी 2026 के लीक हुए प्रश्न पत्र मांगे हैं। कथित तौर पर लीक हुए पेपर के लिए 10 से 12 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। जांचकर्ताओं ने पाया कि मांगी लाल ने लीक हुए प्रश्न पत्र मांगने के लिए व्हाॅटसअप के ज़रिए यश यादव से संपर्क किया था।
जाँचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लीक हुए प्रश्न पत्र 29 अप्रैल को टेलीग्राम के ज़रिए पीडीएफ फ़ॉर्मेट में यश यादव को भेजे गए थे। मिली जानकारी के अनुसार, बरामद पीडीएफ फ़ाइलों में फिजिक्स , केमेस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर के साथ-साथ शुभम और मांगी लाल के बीच हुई बातचीत भी शामिल थी।
जाँच में यह भी पता चला कि मांगी लाल खटीक को नीट यूजी 2026 का लीक हुआ पेपर गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव से मिला था। कथित समझौते में यह तय हुआ था कि अगर लगभग 150 सवाल असली परीक्षा के पेपर से मेल खाते हैं, तो 10 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।
