भोपाल। मध्यप्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए अब तक का सर्वोच्च 66,218 करोड़ रुपये का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट हासिल किया है। Federation of Indian Export Organisations (FIEO) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश का आईटी सेक्टर (SEZs) निर्यात भी 4,038 करोड़ रुपये तक पहुँचा है। निरंतर औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के चलते प्रदेश की राष्ट्रीय निर्यात रैंकिंग 15वें से बढ़कर 11वें स्थान पर पहुँच गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी का शुभारंभ किया, जिसके तहत निर्यातकों को वित्तीय सहायता, प्रोत्साहन और विभिन्न सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इससे प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों में नई पहचान और गति मिली है।
राज्य सरकार और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) द्वारा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और एक्सपोर्ट प्रमोशन विषयक कार्यशालाएँ लगातार आयोजित की जा रही हैं। सागर, अगर मालवा, बैतूल, इंदौर और श्योपुर में आयोजित होने वाली कार्यशालाओं में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
प्रदेश की पहचान उसके कृषि, परंपरा और कौशल में निहित है, जहाँ फलों, सब्जियों, मसालों और वनोपज के साथ चंदेरी साड़ी, जरदोज़ी कढ़ाई, लकड़ी के खिलौने और गोंड चित्रकला जैसे उत्पाद विश्व स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस (1 नवम्बर 2025) पर एक भव्य प्रदर्शनी और लाइव डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन होगा, जिसमें कारीगर अपने उत्पादों का निर्माण कर प्रदेश की परंपरा और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उज्जैन का एकता मॉल इस पहल का प्रेरक उदाहरण है, जहाँ देशभर के GI टैग और ODOP उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।
एक जिला एक उत्पाद (ODOP) न केवल एक योजना है, बल्कि मध्यप्रदेश की परंपरा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक शक्ति का उत्सव है, जो हर कारीगर की मेहनत को वैश्विक मंच तक पहुँचा रहा है।
