
सिंगरौली। नगर पालिका परिषद सिंगरौली के अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के विरुद्ध प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने निगमायुक्त सविता प्रधान से विस्तृत जानकारी मांगी है। कलेक्टर ने पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि अध्यक्ष पद ग्रहण की तारीख, अब तक की कार्यावधि, पूर्व में यदि कोई अविश्वास प्रस्ताव लाया गया या अस्वीकृत हुआ हो तो उसकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका अधिनियम, 1956 की धारा 23(क) के अनुसार, यदि निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या के आधे से अधिक पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में हों, तो अध्यक्ष का पद रिक्त माना जाएगा। साथ ही अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि अध्यक्ष पद ग्रहण की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर या पूर्व में अस्वीकृत अविश्वास प्रस्ताव के एक वर्ष के भीतर नया प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता।
कलेक्टर ने निगमायुक्त से यह भी पूछा है कि वर्तमान में नगर पालिका में निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या कितनी है और फिलहाल कितने पार्षद पदस्थ हैं। उल्लेखनीय है कि अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए तीन-चौथाई पार्षदों का समर्थन आवश्यक होता है, जबकि हाल ही में संशोधन के अनुसार अध्यक्ष के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी ऐसा प्रस्ताव लाया जा सकता है।
