ग्वालियर: एक शर्मनाक घटना सामने आई है। मामा का बाजार माधोगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत एक घायल गाय सड़क पर एक घंटे तक तड़पती रही, लेकिन गौसेवा का दावा करने वाले किसी भी संगठन या व्यक्ति ने मदद के लिए फोन नहीं उठाया। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार गौसेवा संगठनों को फोन किया गया, लेकिन न तो कोई जवाब मिला और न ही कोई सहायता पहुँची।
इस घटना ने गौ सेवा के नाम पर सक्रिय संगठनों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता का कहना है कि ऐसे संगठन केवल चंदा लेने तक सीमित हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर इनकी उपस्थिति और सेवा नगण्य है। इस घटना से एक बार फिर यह मुद्दा गरमाया है कि क्या वाकई में गौ सेवा करने वाले संस्थान अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं, या फिर यह केवल दिखावे और धन संग्रह का माध्यम बनकर रह गए हैं?
