विधानमंडलों को कागज रहित बनाने के लिए ‘नेवा’ का सम्मेलन

नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर (वार्ता) राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) पर तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन गुरुवार को आयोजित किया जायेगा जिसका मकसद राज्य विधानमंडलों के कामकाज को कागज़ रहित बनाना और उन्हें ‘डिजिटल सदनों’ में परिवर्तित करना है।
संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को बताया गया ‘नेवा’ के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य तथा सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन मौजूद रहेंगे। इस सम्मेलन में एक सौ से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे जिनमें संबंधित राज्य सरकारों के विधानमंडलों के सचिव और नोडल विभागों के सचिव शामिल होंगे, जो अपने-अपने राज्यों में ‘नेवा’ परियोजना के कार्यान्वयन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘नेवा’ भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत 44 मिशन मोड परियोजनाओं (एमएमपी) में से एक है। इसका उद्देश्य सभी राज्य विधानमंडलों के कामकाज को कागज़ रहित बनाना, उन्हें ‘डिजिटल सदनों’ में परिवर्तित करना और ‘एक राष्ट्र, एक एपलिकेशन’ के विजन के तहत सभी 37 विधानमंडलों को एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर एकीकृत करना है।
यह सम्मेलन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नेवा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने, सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने और सभी शेष विधानमंडलों को नेवा प्लेटफ़ॉर्म पर लाने में तेज़ी लाने के लिए प्रचालनगत और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्रालय ‘नेवा’ के माध्यम से भारत के विधायी संस्थानों को पूरी तरह से डिजिटल, कुशल और पारदर्शी संस्थाओं में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे डिजिटल इंडिया और सुशासन के व्यापक लक्ष्यों में योगदान मिलेगा।

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