मामला वार्ड 75 की पालदा और बनवारी नगर बस्ती का
इंदौर:शहरभर में फ्लायओवर ब्रिज के निर्माण किए गए ताकि आम लोगों को सुविधा मिल सकें. वहीं वार्ड स्तर पर नजर डाली जाए तो कुछ ऐसे निर्माण कार्य हैं जो राजनीतिक कारणों से आज तक शुरू ही नहीं हो पाया है.ऐसा एक मामला वार्ड क्रमांक 75 में सामने आया है. जहां दो क्षेत्रों को जोड़ने वाली पुलिया का निर्माण राजनीति की भेंट चढ़ गया. यहां वार्ड नए आरटीओ रोड पालदा में पड़ता है, जहां पालदा नई बस्ती के पीछे एक नाला मौजूद है. इसी बस्ती के दूसरी तरफ बनवारी नगर बस्ती है.
बनवारी नगर का मुख्य मार्ग आरटीओ मुख्य मार्ग से मिलता है, पालदा बस्ती, समता नगर जैसे कुछ बस्तीवासियों के लिए इस नाले पर पुलिया का निर्माण होना था जिसका बजट वर्क आर्डर विधानसभा चुनाव से पहले ही पास हो चुका है. साथ ही यहां भी तय किया गया था कि विधानसभा चुनाव होते ही इस पुलिया का निर्माण किया जाएगा ताकि पालदा बस्ती की तरफ के सभी रहवासी इस पुलिया का उपयोग करते हुए आसानी से आरटीओ के मुख्य मार्ग पर पहुंच सके लेकिन अभी तक देखा गया है कि इस पुलिया का निर्माण तो दूर की बात अभी तक इसका भूमिपूजन भी नहीं हो पाया है. बताया जाता है कि पुलिया के इस निर्माण में राजनीति की दीवार आ गई है क्योंकि विधायक मधु वर्मा भारतीय जनता पार्टी से हैं तो वहीं वार्ड पार्षद कांग्रेस से कुणाल सोलंकी हैं.
इनका कहना है
क्षेत्र मजदूर वर्ग से भरा पड़ा है. सभी को घूम कर नाके होते हुए मुख्य मार्ग पहुंचना पड़ता है जिसमें समय भी बर्बाद होता है. निर्माण रूकने के कारण यह सुविधा अभी तक हमें नहीं मिल पा रही है.
– आनंदीलाल पंचोली
नाले के दोनों तरफ बड़ी और घनी बस्तियां हैं. इस पुलिया से सभी को फायदा होगा. चुनाव के पहले ही पुलिया पास हो चुकी थी लेकिन अभी तक नहीं बन पाई जबकि शहर में बड़े-बड़े पुल बना रहे हैं.
– वीरेंद्र झंडे
नाले पर बनने वाली पुलिया के निर्माण तो दूर की बात हमारी बस्ती में एक कच्चा रोड भी अभी तक अटक पड़ा है जिसको अभी तक नहीं बनाया गया. हमेशा बोलते हैं कि बनेगा लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा.
– गणेश झंडे
पक्षपात के चलते नहीं हो रहा निर्माण
पुलिया के निर्माण के लिए मेरे ही लेटर पेड पर आवेदन लगा हुआ था जिसको क्षेत्रीय विधायक द्वारा कैंसिल करवा कर खुद अपने लेटर हेड पर लिख कर दिया गया, जिस पर भी अब तक कार्रवाई नहीं की गई. मैं कई विकास कार्य पास करवा चुका हूं लेकिन पक्षपात के चलते कई निर्माण शुरू नहीं हो पा रहे.
– कुणाल सोलंकी, पार्षद
