
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार द्वारा जनसेवा मित्रों को हटाने के निर्णय की आलोचना करते हुए इसे हजारों युवाओं के साथ गंभीर अन्याय बताया है।
पटवारी ने कहा कि यह फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि लगभग 9390 प्रशिक्षित युवाओं के भविष्य पर सीधा आघात है, जो वर्षों से जमीनी स्तर पर लोगों की सेवा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये जनसेवा मित्र सरकारी योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, लेकिन बिना स्पष्ट कारण के उनकी अचानक सेवा समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील कदम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार रोजगार सृजन के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी युवाओं को हटाकर ‘सीएम यंग इंटर्न’ जैसे अस्थायी कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे सरकार की मंशा और नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पटवारी ने कहा कि युवाओं को स्थिर रोजगार, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता है, न कि अल्पकालिक योजनाओं के जरिए अनिश्चितता। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रकार के फैसलों से युवाओं में असंतोष बढ़ेगा और सामाजिक-आर्थिक अस्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने राज्य सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर सभी जनसेवा मित्रों को पुनः बहाल करने की मांग की है, ताकि उनके रोजगार और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
