चौहान ने किया छह नए बीज संयंत्रों का शुभारंभ, बीज कानून लाने की तैयारी

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को छह नये बीज प्रसंस्करण संयंत्रों को शुभारंभ किया और कहा कि किसानों को घटिया बीज से बचाने के लिए सरकार ‘बीज कानून’ बना रही है।

वह यहां पूसा परिसर में राष्ट्रीय बीज निगम के आधुनिक संयंत्र के लोकार्पण के समय लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों के लिए ‘बीज प्रबंधन 2.0’ प्रणाली और ऑनलाइन बीज बुकिंग प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया।

केंदीय मंत्री ने निगम के ;यहां नए बने माडर्न सब्जी एवं पुष्प बीज प्रसंस्करण संयंत्र एवं पैकिंग इकाई का शुुुुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने बरेली, धारवाड़, हासन, सूरतगढ़ और रायचूर में निगम के पांच बीज प्रसंस्करण संयंत्रों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।

पूसा के बीज भवन में नए बने सब्जी बीज प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता एक टन प्रति घंटा है, जबकि निगम के अन्य पांचों संयंत्रों की क्षमता चार टन प्रति घंटा की है। ये सब छह संयंत्र नयी तकनीक वाले हैं जिससे किसानों को बढि़या गुणवत्ता वाले बीज मिल सकेंगे। नयी प्रणाली से किसान अब अपनी बीज आवश्यकताओं की बुकिंग ऑनलाइन कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और बीज की उपलब्धता, दोनों में सुधार होगा।

श्री चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों की एक प्रमुख समस्या है घटिया बीजों का मिलना। इससे निजात दिलाने में बीज निगम की भूमिका काफी अहम है। इन नए संयंत्रों से हाई क्वालिटी वाले बीज आसानी से मिलेंगे, जिससे कृषि पैदावार बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बीज मिलने का दायरा अभी बहुत सीमित है। इसको बढ़ाना होगा और साथ ही समय पर बीज की उपलब्धता को तय करना होगा।

केंंद्रीय मंत्री ने कहा कि निगम को किसानों की सुविधा के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में भी काम करने की सुविधा देनी चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों तक लाभ पहुंचे और निजी कंपनियों की मनमानी पर भी अंकुश लग सके। निजी क्षेत्र और राज्य बीज विकास निगम महत्वपूर्ण हैं लेकिन सार्वजनिक निगम का अपना अलग महत्व है। राष्ट्रीय बीज विकास निगम को इसके लिए रोडमैप बनाना चाहिए।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, एनएससर प्रमुख एवं मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी, संयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू सहित बीज निगम एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड एक अनुसूची ‘बी’- मिनीरत्न श्रेणी-I कंपनी है। यह भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व में है और 1963 से देशभर के किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

 

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